बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ दो सगी माताएं अपनी ७-८ साल की दो मासूम बच्चियों के साथ हुई दरिंदगी के खिलाफ न्याय की गुहार लगाने सीधे एसपी कार्यालय पहुंच गईं। पीड़ित माताओं ने हाथों में चूड़ियां लेकर प्रदर्शन किया और सिरगिट्टी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए नाबालिग आरोपी को संरक्षण देने की बात कही है। पीड़ित परिवारों ने आरोपी को फांसी या उम्रकैद की सजा देने की मांग की है।
बहला-फुसलाकर घर ले गया और की दरिंदगी
यह पूरी घटना २८ मई की बताई जा रही है। सिरगिट्टी क्षेत्र की एक कॉलोनी में दो मासूम बच्चियां घर के बाहर खेल रही थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला एक १७ वर्षीय नाबालिग लड़का दोनों बच्चियों को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। वहां उसने दोनों मासूमों के साथ दुष्कर्म किया और दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं।
इसी बीच पड़ोस की ही रहने वाली एक महिला ने आरोपी की इस करतूत को देख लिया और शोर मचाते हुए विरोध किया। पकड़े जाने के डर से आरोपी लड़का मौके से खिड़की के रास्ते भाग निकला।
सिरगिट्टी पुलिस पर गंभीर आरोप: मेडिकल तक नहीं कराया
पीड़ित बच्चियों की माताओं का आक्रोश स्थानीय पुलिस के रवैये को लेकर है। उन्होंने सिरगिट्टी थाना प्रभारी और एक महिला कांस्टेबल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं:
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आरोपी को संरक्षण: माताओं का आरोप है कि पुलिस अधिकारी आरोपी लड़के को बचाने और उसे संरक्षण देने का काम कर रहे हैं।
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गलत तरीके से पूछताछ: आरोप है कि महिला कांस्टेबल ने पीड़ित बच्चियों को एक बंद कमरे में रखा और उनसे गलत तरीके से पूछताछ की, जिससे मासूम बच्चियां और डर गईं।
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लापरवाही: पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद भी बच्चियों का समय पर सही तरीके से मेडिकल टेस्ट तक नहीं कराया गया।
एसएसपी रजनेश सिंह ने दिए जांच के आदेश, २ घंटे में मांगी रिपोर्ट
पुलिस की इस कार्यप्रणाली और मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर के एसएसपी (SSP) रजनेश सिंह ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सिटी एसपी को पूरे मामले की जांच करने और महज दो घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट सामने आते ही दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।



