Acn18. Com कोरबा रेलवे स्टेशन से मेन रेल लाइन के पास स्थित कोरबा यार्ड के समीप गिट्टी लोड मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर (डिरेल) गया। घटना के बाद स्टेशन परिसर और रेल महकमे में हड़कंप मच गया। हालांकि, चालक की तत्परता से समय रहते मालगाड़ी को रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
गेवरा से कोरबा की ओर आ रही गिट्टी (बैलास्ट) से लदी जब कोरबा यार्ड के पास से गुजर रही थी, तभी अचानक उसके बीच के एक डिब्बे का पहिया पटरी से नीचे उतर गया। तेज आवाज और झटके के साथ चालक ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर मालगाड़ी को रोक दिया।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और डिरेलमेंट का जायजा लेकर ट्रैक को बहाल करने का काम शुरू किया। लगभग 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मालगाड़ी के पहिए को वापस पटरी पर लाया जा सका।
मालगाड़ी के डिरेल होने के कारण मेन लाइन प्रभावित हो गई, जिससे गेवरा-कोरबा रूट पर चलने वाली मेमू लोकल ट्रेन भी प्रभावित हुई। मेमू ट्रेन काफी विलंब से गंतव्य के लिए रवाना हो सकी, जिसके चलते यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे की तकनीकी टीम ने स्थिति को संभालते हुए मालगाड़ी के आगे और पीछे के हिस्सों को अलग किया और उन्हें सुरक्षित हटाकर मेमू लोकल के लिए रास्ता साफ किया।
कोरबा क्षेत्र में मालगाड़ियों के डिरेल होने का यह पहला मामला नहीं है। कुछ माह पूर्व ही एसईसीएल (SECL) रेलवे साइडिंग पर कोयले से लदी मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी, जिससे रेलवे और एसईसीएल दोनों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा था। इसके बावजूद रेलवे प्रबंधन ने इससे कोई सबक नहीं लिया।
स्थानीय स्तर पर लगातार हो रही इन घटनाओं को रेलवे ट्रैक के रख-रखाव (मेंटेनेंस) और संबंधित विभाग की घोर लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है।
घटना के संबंध में जब रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों से उनका पक्ष जानने के लिए दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन पर कोई जानकारी देने से परहेज किया और चुप्पी साधे रखी।





