दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड के फूलपाड़ गांव में कथित राजनीतिक दल-बदल को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस ने जहां भाजपा से नाराज 450 से अधिक ग्रामीणों के पार्टी में शामिल होने का बड़ा दावा किया है, वहीं भाजपा ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने ग्रामीणों को धोखे से बुलाकर जबरन अपनी पार्टी की सदस्यता दिखाई है। अब इस पूरे मामले को लेकर दोनों ही प्रमुख दल आमने-सामने आ गए हैं।
कांग्रेस का दावा: भाजपा से नाराज होकर 450 ग्रामीणों ने थामा ‘हाथ’
दंतेवाड़ा के ग्राम पंचायत फूलपाड़ में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस संगठन का दावा है कि सूबे की भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली से नाराज होकर 450 से अधिक ग्रामीणों ने एक साथ भाजपा का साथ छोड़ दिया और कांग्रेस का दामन थाम लिया।
इस सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अवधेश गौतम, आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष शंकर कुंजाम और ब्लॉक अध्यक्ष देव सिंह ताती समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने इसे क्षेत्र में अपने संगठन की मजबूती और जनता के बढ़ते विश्वास का बड़ा प्रमाण बताया है।
भाजपा का पलटवार: “मुर्गा-भात” के नाम पर ग्रामीणों को बुलाया, जबरन पहनाया गमछा
इधर, कांग्रेस के इस दावे पर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद कड़ा ऐतराज जताया है। भाजपा के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को किसी दूसरी बैठक और ‘मुर्गा-भात’ कार्यक्रम के बहाने बहला-फुसलाकर बुलाया था।
भाजपा का कहना है कि कार्यक्रम में पहुंचे सीधे-साधे ग्रामीणों को वहां जबरन कांग्रेस का गमछा पहना दिया गया और बाद में इसे 450 भाजपा कार्यकर्ताओं का कांग्रेस प्रवेश बताकर झूठा प्रचार किया गया।
ग्रामीणों के वीडियो वायरल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी घेरा
इस पूरे विवाद में नया मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया पर कथित तौर पर कांग्रेस में शामिल बताए गए कई ग्रामीणों के वीडियो वायरल होने लगे। भाजपा का दावा है कि इन वीडियो में ग्रामीणों ने खुद कांग्रेस के दावों का पूरी तरह खंडन किया है।
-
ग्रामीणों का बयान: वीडियो में ग्रामीणों का कहना है कि उनके नाम और तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया गया है, जबकि वे मूल रूप से भाजपा के ही समर्थक हैं।
-
शीर्ष नेतृत्व का हमला: इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भी कांग्रेस को घेरा है और उनके दावों पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, फूलपाड़ गांव का यह कथित दल-बदल का मामला दंतेवाड़ा की स्थानीय राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का एक नया केंद्र बन चुका है, जहां दोनों ही दल अपनी-अपनी बात पर अड़े हुए हैं।




