
SECL गेवरा खदान की लगातार हो रही हैवी ब्लास्टिंग से कटघोरा क्षेत्र के ग्राम नराईबोध में दहशत का माहौल है। ब्लास्ट के दौरान घरों की छतों पर पत्थर बरस रहे हैं, दीवारों में दरारें आ गई हैं और बोर-कुएं धंसने से पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।
*2 दिन में 2 बार बाल-बाल बचा परिवार*
ग्रामीणों ने बताया कि 2 दिन पहले ब्लास्ट का एक बड़ा पत्थर एक घर की एस्बेस्टस शीट तोड़कर सीधे कमरे में जा गिरा। उस समय परिवार घर के अंदर था और बाल-बाल बच गया।
अगले दिन फिर उसी जगह दूसरा पत्थर गिरा। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीण दहशत में हैं और कई परिवार पलायन करने को मजबूर हैं।
*SECL अधिकारियों के बयान से भड़के ग्रामीण*
घटना की सूचना पर SECL के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कहा _”सीट टूटा है तो सीट देंगे, नुकसान की भरपाई करेंगे।”_
इस पर पीड़ित परिवार भड़क गया। परिवार ने कहा _”साहब सीट दे दोगे, लेकिन जान चली जाती तो क्या उसे वापस लाते?”_
*रोजगार और विस्थापन में देरी से आक्रोश*
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान विस्तार के नियम के तहत पात्र 4 लोगों को अब तक रोजगार नहीं मिला है। विस्थापन के लिए बसाहट सिर्फ कागजों में है, जमीन पर काम शून्य है।
लगातार ब्लास्टिंग से हो रहे नुकसान और वादाखिलाफी से नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे SECL गेवरा मुख्यालय का महाघेराव करेंगे।
ग्रामीणों ने कहा _”आंदोलन के दौरान किसी भी तरह की हानि की जिम्मेदारी SECL प्रबंधन और प्रशासन की होगी।”_
फिलहाल पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग हर ब्लास्ट के साथ अपने घरों की छत देखने को मजबूर हैं।





