सीएसईबी कोरबा प्लांट की स्क्रैप नीलामी विवाद अब कानूनी मोड़ ले सकता है। स्क्रैप ठेकेदारों ने कहा है कि वे रायपुर से आए अधिकारी सुनील चौहान और नितेश अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी यानी आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कराएंगे। ठेकेदारों का आरोप है कि लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य के ट्रांसफॉर्मर का गबन किया गया।
*ठेकेदारों का आरोप*
ठेकेदारों का कहना है कि नीलामी के समय ट्रांसफॉर्मर को उन्हें दिखाया ही नहीं गया था और बाद में मिलीभगत कर उसे बेच दिया गया। उनका आरोप है कि जिस माल की लागत लगभग 3 करोड़ रुपये है, उसे अनियमित तरीके से बाहर निकालकर बेचा गया। इसी आधार पर अब ठेकेदार सुनील चौहान और नितेश अग्रवाल के खिलाफ 420 का मामला दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।
*अभी आरोप ही हैं*
यह बयान स्क्रैप ठेकेदारों का है। सुनील चौहान, नितेश अग्रवाल या सीएसईबी प्रबंधन की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। नीलामी दस्तावेज में भी ट्रांसफॉर्मर का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
*जांच की मांग*
उद्योग मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि अनियमितता मिली तो जांच होगी। ठेकेदारों ने माल उठान के गेट पास, डिलीवरी चालान और वीडियोग्राफी सार्वजनिक करने की मांग की है।




