
कोरबा। कुसमुंडा क्षेत्र के विकास नगर आईबीपी प्लांट के नीचे बहने वाली अहिरन नदी में शनिवार सुबह सैकड़ों मछलियां मृत पाई गईं। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि अज्ञात असामाजिक तत्वों ने रात में विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल कर मछलियों का शिकार किया। विस्फोट से नदी में केमिकल फैलने के कारण बड़े पैमाने पर मछलियां मर गईं। घटना के बाद कॉलोनीवासियों में दहशत है, क्योंकि इसी स्थान से कॉलोनी में पीने के पानी की सप्लाई होती है।
सुबह जब आसपास के लोग नदी किनारे पहुंचे तो पानी में सैकड़ों मरी हुई मछलियां तैरती दिखीं। नदी का पानी भी बदरंग नजर आ रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि देर रात कुछ लोगों ने बारूद जैसे विस्फोटक का प्रयोग कर मछलियों को मारा। विस्फोट से निकले केमिकल के कारण ऑक्सीजन की कमी हुई और मछलियों की मौत हो गई। मौके पर बदबू फैल गई है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि इसी जगह से विकास नगर कॉलोनी में पानी की सप्लाई की जाती है। कॉलोनीवासी दैनिक दिनचर्या के अलावा इस पानी को पीने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पानी के जहरीला होने का खतरा बढ़ गया है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल पानी की जांच कराने की मांग की है। कॉलोनी में अफवाह है कि केमिकल युक्त पानी पीने से गंभीर बीमारी हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार यह घटना देर रात अंजाम दी गई। ग्रामीणों ने मांग की है कि मरी हुई मछलियों को तुरंत नदी से हटाया जाए। आशंका है कि कुछ लोग इन मछलियों को खाने के लिए घर ले जा रहे हैं। केमिकल के प्रभाव से इनके सेवन से तबीयत बिगड़ सकती है या कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। बताया जा रहा है कि अभी भी नदी में मछलियों के मरने का सिलसिला जारी है। बच्चे और कुछ ग्रामीण मरी मछलियां बीनकर ले जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से कार्रवाई की मांग की है। विस्फोटक से मछली मारना वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध है।
वही इस घटना से लोगों की जान भी जा सकती है इस मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना का अंजाम देने वाले लोगों पर कार्यवाही करने की जरूरत है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर नहीं पहुंची है। कॉलोनीवासी दहशत में हैं और पानी इस्तेमाल करने से बच रहे हैं। लोगों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की मांग की है।




