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अस्पताल में भर्ती मरीज की पिटाई : एएसआई पर लगा अभद्र व्यवहार का आरोप, एसपी ने किया लाइन अटैच

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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी में भर्ती एक मरीज की एएसआई ने पिटाई कर दी। मामला गरमाने के बाद एसपी बलौदा बाजार ने एएसआई को लाइन अटैच कर दिया है।

बलौदा बाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र से पुलिस के कथित दुर्व्यवहार का एक संवेदनशील मामला सामने आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी में उपचाररत एक 55 वर्षीय बुजुर्ग मरीज के साथ ड्यूटी पर तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) पर कथित रूप से मारपीट और अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगा है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस के रवैये को लेकर नाराजगी और चर्चा का माहौल है।

 

 

लाइट बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, आरंग ब्लॉक की ग्राम पंचायत धनभट्टी के निवासी एवं आरंग सरपंच संघ के अध्यक्ष हेमन बर्मन (55 वर्ष) पिछले दो दिनों से बिच्छू के डंक के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी में भर्ती थे और उनका उपचार चल रहा था। बताया जा रहा है कि, सोमवार की रात करीब 12 बजे पलारी थाना में पदस्थ एएसआई प्रभात साहू अस्पताल पहुंचे।

 

उस समय जनरल वार्ड की लाइट बंद थी। एएसआई ने वार्ड में मौजूद मरीजों से पूछा कि, लाइट किसने बंद की। इस पर हेमन बर्मन ने कहा कि रात होने और मरीजों को नींद आने के कारण किसी ने लाइट बंद कर दी होगी तथा उन्होंने स्वयं लाइट बंद करने से इनकार किया।

 

 

 

वार्ड के भीतर ही जड़े कई थप्पड़

आरोप है कि, इस जवाब से एएसआई प्रभात साहू नाराज हो गए और उन्होंने बिस्तर पर लेटे बुजुर्ग मरीज को उठाकर वार्ड के भीतर ही दो-तीन थप्पड़ मार दिए तथा गाली-गलौज की। हेमन बर्मन ने बार-बार कहा कि उन्होंने लाइट बंद नहीं की है और अन्य मरीजों से पूछताछ कर ली जाए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

 

घटना CCTV में कैद, एएसआई लाइन अटैच

पीड़ित पक्ष का दावा है कि, पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। सुबह होने पर हेमन बर्मन ने अपने साथियों और सरपंच संघ के पदाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। मामला सामने आते ही यह तेजी से चर्चा का विषय बन गया। मामले ने तूल पकड़ने पर पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने तत्काल प्रभाव से एएसआई प्रभात साहू को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

पुलिस की संवेदनशील छवि पर खड़े हुए सवाल

यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि अस्पताल में भर्ती मरीज इलाज और सुरक्षा की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में यदि वर्दीधारी कर्मी पर मरीज से दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगता है, तो इससे पुलिस की संवेदनशील छवि पर सवाल खड़े होते हैं। स्थानीय लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है