
विश्रामपुर थाने के बाहर चल रहा प्रदर्शन समाप्त गया है। पीसीसी चीफ दीपक बैज और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने एक- दूसरे को नारियल पानी पिलाकर अपना प्रदर्शन समाप्त किया।
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पीसीसी चीफ दीपक बैज ने समाप्त किया प्रदर्शन
। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना के बाहर चल रहा धरना और आमरण अनशन बुधवार को समाप्त गया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने एक- दूसरे को नारियल पानी पिलाकर अपना प्रदर्शन समाप्त किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। विश्रामपुर थाना के बाहर कांग्रेस के द्वारा पिछले तीन दिनों से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था। आज सुबह भी कांग्रेस के नेताओं का प्रदर्शन चल रहा था, इसी बीच कांग्रेस के नेताओं में प्रदर्शन समाप्त करने की सहमति बनी।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने अपना भूख हड़ताल समाप्त किया। वहीं टीएस सिंहदेव ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। जिले की प्रशासनिक टीम के साथ कांग्रेस के नेताओं के बीच बातचीत और मांग पूरी होने के बाद कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन की पत्नी के द्वारा आवेदन दिए जाने के बाद पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि नरेंद्र जैन की गिरफ्तारी तब तक नहीं की जाएगी, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है। इसके अलावा विवेचना अधिकारी को भी हटा दिया गया है।
डीएसपी रैंक के अधिकारी करेंगे जांच
कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मामले की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी के द्वारा की जाएगी। हालांकि, कांग्रेस नेता विश्रामपुर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रहे थे और नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के केस को वापस लेने की मांग कर रहे थे। लेकिन बीच का रास्ता निकालने के बाद अब कांग्रेस का प्रदर्शन यहां समाप्त हो गया है। विश्रामपुर में कल थाना के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे हुए थे।
भूपेश बघेल ने मंच से पुलिस के अधिकारियों को दी थी धमकी
भूपेश बघेल ने मंच से पुलिस के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि, हमारी सरकार आएगी तो इस तरीके से काम करने वाले पुलिस अफसर और पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही भी होगी। भूपेश बघेल के साथ दीपक बैज और टीएस सिंहदेव के अलावा तमाम पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व विधायक एक मंच में दिखाई दिए थे। प्रशासन की ओर से एसडीएम शिवानी जायसवाल और एडिशनल एसपी योगेश देवांगन ने मामले में समझौता कराया




