सीएसईबी कोरबा प्लांट की स्क्रैप नीलामी विवाद अब चेम्बर ऑफ कॉमर्स तक पहुंच गया है। ठेकेदारों ने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि विभाग में हड़कंप मचा है और रायपुर से आए अधिकारी सुनील चौहान व नितेश अग्रवाल को बचाने की कोशिश की जा रही है।
*ठेकेदारों का आरोप*
ठेकेदारों का कहना है कि नीलामी के समय ट्रांसफॉर्मर को उन्हें दिखाया ही नहीं गया था। अब जब मामला तूल पकड़ रहा है, तो नई सूची में जल्दबाजी में एक ट्रांसफॉर्मर जोड़ दिया गया। ठेकेदारों का आरोप है कि अधिकारी यह भूल गए कि नितेश अग्रवाल के जरिए दो ट्रांसफॉर्मर की चोरी करवाई गई थी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इसी मामले की शिकायत अब चेम्बर ऑफ कॉमर्स को भी दी गई है, ताकि व्यापारिक मंच से भी दबाव बनाकर निष्पक्ष जांच कराई जा सके।
*अभी आरोप ही हैं*
यह सभी आरोप ठेकेदारों के हैं। सुनील चौहान, नितेश अग्रवाल या सीएसईबी प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। नीलामी दस्तावेज में भी ट्रांसफॉर्मर का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
*जांच की मांग*
ठेकेदारों ने माल उठान के गेट पास, डिलीवरी चालान और वीडियोग्राफी सार्वजनिक करने की मांग दोहराई है। उद्योग मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि अनियमितता मिली तो जांच होगी।




