Home KORBA तीन गांव की जमीन को लेकर विधानसभा में हंगामा

तीन गांव की जमीन को लेकर विधानसभा में हंगामा

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नकटी गांव में 85 मकानों पर हुई कार्रवाई के बाद अब प्रदेश में जमीन से जुड़े मामलों पर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन गांव की जमीन के मामले में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एक व्यवसायी को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। इस मुद्दे पर सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।

 

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र के तीन गांवों की जमीन के संबंध में कथित तौर पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर एक व्यवसायी, अनिल अग्रवाल, को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में शिकायत के बाद एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन अज्ञात लोगों के खिलाफ।

 

भूपेश बघेल ने सरकार से सवाल किया कि जब दस्तावेज तैयार करने में स्थानीय स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका सामने आ रही है, तो एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ क्यों दर्ज की गई। उनका कहना था कि इस मामले में संबंधित सरपंच, उपसरपंच और एसडीएम के खिलाफ नामजद कार्रवाई होनी चाहिए।

 

वहीं राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि मंत्री के जवाब से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।

 

 

नकटी गांव की कार्रवाई के बाद जमीन से जुड़े मामलों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज होते जा रहे हैं। अब इस मामले में आगे की जांच और सरकार की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।