
सूरजपुर जिले में पिछले *72 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश* ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के तमाम इलाकों से बारिश की भयावह तस्वीरें सामने आ रही हैं। नदी-नाले उफान पर हैं, सड़कें जलमग्न हैं और कई पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
*जलभराव से स्कूल-आंगनबाड़ी प्रभावित*
लगातार हो रही बारिश के कारण कई *आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में पानी भर गया* है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कुछ जगहों पर कक्षाएं बंद कर दी हैं। निचले इलाकों में घरों में भी पानी घुसने की खबरें हैं।
*पुल-पुलिया ढहने से बढ़ी परेशानी*
बारिश का सबसे ज्यादा असर संपर्क मार्गों पर पड़ा है।
– *कोट गांव के उरांव पारा* में बना पुल तेज पानी के बहाव में *भरभरा कर जलमग्न* हो गया है।
– दो दिन पहले ही *गोविंदपुर – रामकोला मार्ग* और *गोबरी नदी* पर बनकर तैयार हुआ *रपटा पुल भी पानी में धराशायी* हो गया था।
लगातार पुल-पुलियों के ढहने के मामलों ने अब निर्माण की *गुणवत्ता को लेकर भी कई सवाल* खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं के चलते कई गांवों का *संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया* है।
*किसानों को मिली राहत*
हालांकि इस आफत भरी बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। लगातार बारिश को *फसलों के लिए फायदेमंद* माना जा रहा है और खेतों में नमी बनी हुई है जिससे खरीफ की फसल को मजबूती मिलेगी।
*प्रशासन अलर्ट पर*
जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है। निचले इलाकों में राहत शिविर तैयार रखने के भी आदेश दिए गए हैं।
फिलहाल मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।





