छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि *पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी कहासुनी या कभी-कभार होने वाली झड़प को मानसिक क्रूरता नहीं माना जा सकता*। केवल आपसी असहमति, व्यवहार से असंतोष या विचारों का मेल नहीं होना तलाक का कानूनी आधार नहीं बन सकता।
इसी आधार पर हाईकोर्ट ने *परिवार न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए पति की तलाक की अपील खारिज* कर दी।
*2014 में हुआ था प्रेम विवाह*
यह मामला रायपुर का है। यहां के एक दंपती का *वर्ष 2014 में प्रेम विवाह* हुआ था। शादी के बाद दोनों के *दो बच्चे* भी हैं।
बाद में पारिवारिक विवाद बढ़ने पर पत्नी बच्चों के साथ मायके चली गई





