Home KORBA रेलवे की मॉडिफिकेशन स्कीम:आपके पास ट्रेन का टिकट है, यात्रा नहीं करनी...

रेलवे की मॉडिफिकेशन स्कीम:आपके पास ट्रेन का टिकट है, यात्रा नहीं करनी है तो परिजन को कर सकते हैं ट्रांसफर

0
128

Acn18.com/ट्रेन में सीट रिजर्व होने के बाद भी यदि किसी वजह से व्यक्ति यात्रा नहीं कर पा रहा है तो उसके टिकट पर उसके परिवार (ब्लड रिलेशन) का कोई भी सदस्य यात्रा कर सकेगा। यह सुविधा रेलवे की मॉडिफिकेशन स्कीम के जरिए मिल रही है। इसके लिए यात्री के पास कंफर्म टिकट होना अनिवार्य है। इतना ही नहीं, यात्री ट्रेन रवाना होने से 48 घंटे पहले तक टिकट काउंटर से टिकट की तारीख आगे बढ़वा सकता है। साथ ही ट्रेन भी बदल सकता है। इसमें यात्री को स्लीपर के लिए 20 और एसी के लिए 45 रुपये एक्सट्रा चार्ज देना पड़ेगा।

रेलवे यात्रियों के सामने कई बार ऐसी समस्या आ जाती है कि कंफर्म टिकट होने के बाद भी वह मजबूरी में यात्रा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में जानकारी के अभाव में यात्री को टिकट कैंसिल करना पड़ता है। स्लीपर टिकट रिटर्न करने पर 120 रुपये और एसी टिकट वापस करने पर 145 रुपये चार्ज देना पड़ता है। लेकिन यात्री को यदि आगे यात्रा करनी है तो वह मॉडिफिकेशन स्कीम के तहत स्लीपर का 20 रुपए और एसी का 45 रुपये देकर अपनी यात्रा की तारीख और ट्रेन बदलकर यात्रा कर सकता है। वही यात्री को इस बात का भी ध्यान देना होगा कि यदि उसने मॉडिफिकेशन स्कीम अप्लाई कर दिया है और वह यात्रा नहीं करना चाहता है और टिकट कैंसिल कर रहा तो उसे स्लीपर का 240 और एसी का 390 रुपये कैंसिलेशन चार्ज चुकाना पड़ेगा।

कितने भी दिन बढ़ाई जा सकती है यात्रा की तारीख
इस स्कीम के तहत रेलवे ने यात्रा आगे बढ़ाने की कोई अवधि तय नहीं की है। यात्री अपनी टिकट को कितने भी दिन आगे बढ़ा सकता है। इसमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि अगर अगली तारीख के लिए टिकट बढ़ाया जा रहा है तो ट्रेन में उस तारीख पर सीट होने पर ही कंफर्म टिकट मिलेगा।

कितने भी दिन बढ़ाई जा सकती है यात्रा की तारीख
इस स्कीम के तहत रेलवे ने यात्रा आगे बढ़ाने की कोई अवधि तय नहीं की है। यात्री अपनी टिकट को कितने भी दिन आगे बढ़ा सकता है। इसमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि अगर अगली तारीख के लिए टिकट बढ़ाया जा रहा है तो ट्रेन में उस तारीख पर सीट होने पर ही कंफर्म टिकट मिलेगा।

जिसे यात्रा करनी है, उसका आधार कार्ड लगेगा
जिस यात्री को टिकट ट्रांसफर करनी है, उसे इसके लिए ट्रेन छूटने के 48 घंटे पहले काउंटर पर जाकर आवेदन देना होगा। उसकी जगह यात्रा करने वाले का आधार कार्ड देना होगा, जिससे प्रूफ हो सके कि वह परिवार से हैं। इसके साथ ही खुद के यात्रा रद्द करने का कारण भी बताना पड़ेगा।

काउंटर टिकट से लाभ,पर ऑनलाइन ले रहे लोग

रायपुर रेलवे स्टेशन से रोजाना 120 ट्रेनें गुजरती हैं। रेलवे से मिले आंकड़ों के मुताबिक जोन में वर्तमान में 79 प्रतिशत यात्री ऑनलाइन टिकट करा रहे हैं। ऑनलाइन टिकट लेने वालों की संख्या में दिन ब दिन इजाफा हो रहा है, लेकिन यात्रियों को ज्यादा लाभ काउंटर से टिकट लेने का ही होता है। जैसे काउंटर टिकट होने पर यदि ट्रेन छूट जाती है तो स्टेशन मास्टर अगली ट्रेन से भेज सकता है।

काउंटर से टिकट लेने पर टिकट पर कोई सरचार्ज नहीं लगता, वहीं ऑनलाइन लेने पर स्लीपर के टिकट पर 23 रुपए और एसी के टिकट पर 46 रुपए ज्यादा देने पड़ते हैं। काउंटर से टिकट लेने की आदत इतनी कम हो रही है कि रायपुर रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र में कुल 19 रिजर्वेशन काउंटर हैं, लेकिन महज पांच काउंटर ही खुल रहे हैं।

“मॉडिफिकेशन स्कीम में सगे भाई-बहन, माता-पिता, पति-पत्नी या फिर पुत्र-पुत्री यात्रा कर सकते हैं। लेकिन 48 घंटे पहले आवेदन करना होगा। इससे टिकट रद्द करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”