Home छत्तीसगढ़ प्रेम विवाह की सजा, पांच परिवारों का सामाजिक बहिष्कार, हुक्का पानी बंद

प्रेम विवाह की सजा, पांच परिवारों का सामाजिक बहिष्कार, हुक्का पानी बंद

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बिलासपुर में प्रेम करने वालों पर सामाजिक क्रूरता का ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। अंतर्जातीय विवाह करने वाले पांच प्रेमी जोड़ों और उनके परिवारों का गांवों में सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। कहीं हुक्का-पानी बंद हुआ, तो कहीं जीते जी मृत्यु भोज तक करा दिया गया। पीड़ित अब न्याय की गुहार लगाते हुए एसपी और कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे है।

दरअसल मामला बिलासपुर जिले के मस्तूरी और आसपास के ग्रामीण इलाकों का है, जहां अलग-अलग जातियों के बालिग युवक-युवतियों ने अपनी मर्जी से प्रेम विवाह किया था। लेकिन समाज के कुछ ठेकेदारों ने इसे अपनी तथाकथित परंपरा के खिलाफ मानते हुए परिवारों पर अमानवीय फरमान थोप दिए। गांवों में बैठकें बुलाई गईं, भारी जुर्माना लगाया गया और विरोध करने वालों को समाज से बाहर कर दिया गया। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उन्हें गांव के सार्वजनिक कुओं से पानी लेने तक नहीं दिया जा रहा। राशन दुकानों से अनाज खरीदने पर रोक लगा दी गई है और मजदूरी करने से भी मना कर दिया गया है। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि कई परिवार डर और दहशत में अपने ही घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हैं।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ मामलों में अपनों ने ही जीते जी दशगात्र और मृत्यु भोज जैसी रस्में निभाकर रिश्तों को खत्म करने का ऐलान कर दिया। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं।

वहीं सभी पीड़ित परिवारों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा और न्याय की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 21वीं सदी में भी प्रेम और अपनी पसंद से शादी करना क्या इतना बड़ा अपराध है, जिसके लिए लोगों को समाज से जिंदा दफन करने जैसी सजा दी जा रही है।