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कटघोरा एसडीएम कार्यालय का भूविस्थापितों ने किया घेराव,16 से अधिक गांव प्रभावित,भूमिहीनों को आवास नहीं, ड्रोन सर्वे पर आपत्ति,रिश्वत न देने पर फाइलें लटकाई जा रहीं

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कोरबा।बुधवार को एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में कोयला उत्खनन के लिए अधिग्रहित 16 से अधिक गांवों के भूविस्थापित ग्रामीणों ने 20 मई 2026 को एसडीएम कार्यालय कटघोरा का घेराव कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसील कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण रोजगार, मुआवजा, पुनर्वास, वंश वृक्ष, फौती, ऑनलाइन रिकॉर्ड सुधार और राजस्व त्रुटि सुधार जैसे काम महीनों से लंबित हैं।

 

ग्रामीणों ने बताया कि दीपका, दर्री, कटघोरा तहसील और जिला पुनर्वास शाखा में सुनियोजित तरीके से रिश्वत मांगी जाती है। रिश्वत न देने पर प्रकरण सालों तक अटका दिए जाते हैं। पूर्व में कई बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए मजबूरन घेराव करना पड़ा।

 

एसईसीएल ने जटराज, पड़निया, सोनपुरी, पाली, रिसदी, खोडरी, चुरैल, आमगांव, खैरभावना, गेवरा, जरहाजेल, बरपाली, दुरपा, भैसमाखार, मनगांव, बरमपुर, दुल्लापुर, बरकुटा समेत 16 से अधिक गांवों का अधिग्रहण किया है। इन गांवों के लोग दस्तावेजों के लिए तहसील के चक्कर काट-काटकर परेशान हैं।

ग्रामीणों ने कहा कि एसईसीएल अर्जित गांवों में शासकीय या निजी भूमि पर मकान बनाने वाले भूमिहीन परिवारों को बसाहट की पात्रता नहीं दे रहा। जबकि पीएम आवास योजना का लक्ष्य भूमिहीनों को मुख्यधारा में लाना है। एसईसीएल की नीति के कारण सैकड़ों परिवार बेघर हो रहे हैं।

 

एसईसीएल ने खोडरी, रिसदी, पड़निया में राजस्व शिविर लगाए, लेकिन वहां सिर्फ आवेदन लिए गए। निराकरण के लिए तहसील दीपका भेज दिया गया। ग्रामीणों की मांग है कि शिविर में ही मौके पर कार्रवाई हो ताकि भ्रष्टाचार से बचा जा सके।

ग्रामीणों ने एसईसीएल के ड्रोन सर्वे पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बिना सहमति के सर्वे कर संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है और मुआवजे में कटौती की जा रही है। जटराज में 2010 में अर्जन के बाद आधे ग्रामीणों को मसाहती मानकर और आधे को नहीं मानकर पक्षपात किया जा रहा है। इससे आक्रोश बढ़ रहा है।

ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन तिहार में त्वरित निराकरण का दावा किया जा रहा है, लेकिन तहसील कार्यालय इसके उलट काम कर रहे हैं। अधिकारियों को न वरिष्ठों का भय है, न शासन का। ग्रामीण इसके लिए विधायक-सांसद की निष्क्रियता को भी दोषी मानते हैं।

 

20 मई को कुसमुंडा क्षेत्र के सभी अर्जित गांवों के सैकड़ों ग्रामीण कटघोरा एसडीएम कार्यालय के सामने पहुंचे। हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर गेट पर धरने पर बैठ गए। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।