Home Uncategorized तीन मांगों के लिए स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर गए.एक कर्मचारी को बहाल...

तीन मांगों के लिए स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर गए.एक कर्मचारी को बहाल करने की मांग

0
95

acn18.com कोरबा / आरोग्य केंद्र में काम करने वाले सामुदायिक चिकित्सा कर्मचारियों ने तीन मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल में कोरबा जिले के सभी केदो को मिलाकर 170 से अधिक कर्मचारी शामिल है । उनकी हड़ताल से संबंधित केदो पर आधारित चिकित्सा सुविधा सेवाओं पर असर पड़ा है। कर्मचारियों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाएगा, हड़ताल जारी रहेगी।

WhatsApp Image 2024 06 21 at 14.56.46

कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर के नाम से छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा वैलनेस सेंटर में इन सभी कर्मियों को पिछले वर्षों में सेवा करने का मौका दिया है। कोरबा शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में संचालित हो रहे ऐसे वैलनेस सेंटर में कर्मचारियों की संख्या 170 के आसपास है जो अपनी तीन मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए। इनमें महिला पुरुष कर्मचारी शामिल है। प्रदर्शन स्थल पर इन सभी ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और सरकार के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। सामुदायिक स्वास्थ्य चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि कार्य आधारित वेतन और 8 महीने का इंसेंटिव बकाया है। इन दो मांगो सहित एक अन्य मांग के लिए हमारा प्रदर्शन चल रहा है। निश्चित रूप से इस हड़ताल के कारण संबंधित केदो से लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर असर पड़ा है। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की एक पदाधिकारी ने बताया कि उनके एक सहयोगी पवन वर्मा को गलत जानकारी के आधार पर सेवा से मुक्त कर दिया गया है। हमने सरकार से मांग की है कि उनकी बहाली जल्द कराई जाए।

vlcsnap 2024 06 21 17h06m59s115

प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के कुछ समय के बाद ही लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई और फिर बहुत समय तक यह प्रक्रिया जारी रही। इस बीच विभिन्न प्रकार के कार्यों का संपादन नहीं किया जा सका। जून के प्रथम सप्ताह में लोकसभा चुनाव के नतीजे आने और आचार संहिता शिथिल होने के बाद कामकाज पटरी पर आया है। स्थिति सामान्य होने के साथ अब कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर मुखर होने लगे हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से अपनी मांगों के बारे में सरकार के मंत्रियों से लेकर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने का कार्य शुरू किया गया है। इस तरह की मांगों को स्वीकृत करने के लिए सरकार वित्त विभाग के साथ-साथ रणनीतिक स्तर पर काफी मंथन करती है और उसके बाद अगली कार्रवाई पर ध्यान देती है। कर्मचारियों को इंतजार है कि उनके मामले में सरकार सकारात्मक रूप से जरूर ही सोचेगी।