
भरत सिंह चौहान की रिपोर्ट
जांजगीर-चांपा में स्क्रब टाइफस को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग की चिंता सामने आने लगी है। सवाल ये है कि संक्रमण के मामले सामने आने और एक मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता कितनी कारगर साबित होगी? शिवरीनारायण क्षेत्र में स्क्रब टाइफस से संक्रमित एक मरीज की उपचार के दौरान मौत का मामला सामने आने के बाद अब जिला स्वास्थ्य विभाग लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक कर रहा है।
जिले में संक्रमण को लेकर बढ़ती चिंता के बीच जिला चिकित्सा अधिकारी ने मीडिया के सामने बीमारी के लक्षण, पहचान और बचाव के तरीकों की जानकारी दी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि लगातार बुखार या अन्य लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें।
स्क्रब टाइफस का संक्रमण मुख्य रूप से झाड़ियों, घास और खेतों में पाए जाने वाले संक्रमित चिगर माइट्स के काटने से फैलता है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य बुखार जैसे हो सकते हैं, लेकिन समय पर बीमारी की पहचान और उपचार नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक लगातार बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। खासकर ग्रामीण और खेत-झाड़ियों वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
एक मरीज की मौत के बाद अब स्वास्थ्य विभाग लोगों को सतर्क कर रहा है। जरूरत है कि जागरूकता सिर्फ अपील तक सीमित न रहे, बल्कि बीमारी की समय पर पहचान, जांच और उपचार की व्यवस्था भी मजबूत हो। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की अपील की है।









