Acn18. Com, कोरबा.कोरबा के निहारिका में चल रही दस दिवसीय श्री गणेश कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने का संदेश दिया गया। व्यासपीठ से पंडित देवशरण दुबे ने भगवान आदि गणेश की महिमा का वर्णन करते हुए जीवन में विनम्रता के महत्व को समझाया।
महानदी कॉम्प्लेक्स परिसर, निहारिका रोड में आयोजित श्री गणेश कथा के द्वितीय दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे।कथा वाचक पंडित देवशरण दुबे ने भगवान आदि गणेश की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि एक समय ब्रह्मा जी को अपने सामर्थ्य का अहंकार हो गया था। इसके प्रभाव से सृष्टि में प्रलय जैसी स्थिति उत्पन्न हुई।पंडित देवशरण दुबे ने कहा कि अहंकार मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण है, जबकि विनम्रता उसे ईश्वर के करीब ले जाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने ज्ञान, शक्ति और पद पर गर्व करने के बजाय उसे ईश्वर की कृपा मानकर लोककल्याण में लगाने का संदेश दिया।कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान गणेश की भक्ति में भाव-विभोर नजर आए। समिति के मुताबिक श्री गणेश कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक किया जा रहा है। समिति ने अंचलवासियों से कथा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।









