मोदी सरकार के मंत्रियों का आज से 2 दिन का चिंतन शिविर शुरू हो गया है। यह 24 सितंबर तक चलेगा। इसमें पीएम मोदी कैबिनेट मिनिस्टर्स की क्लास लेंगे। सरकार के एक मंत्री ने भास्कर को बताया कि शिविर के पहले दिन हर मिनिस्टर अपने मंत्रालय के काम का प्रेजेंटेशन देगा।
दूसरे दिन रिव्यू होगा। रिव्यू में ग्रेडिंग दी जाएगी। एक्सीलेंट, गुड, एवरेज, पुअर। एक्सीलेंट से लेकर गुड तक ग्रीन जोन में होंगे। एवरेज और उससे नीचे के मंत्री रेड जोन में आ जाएंगे। मतलब उन्हें संकेत मिल जाएगा की कैबिनेट विस्तार में उनकी कुर्सी खतरे में है। ये रिपोर्ट कार्ड कैबिनेट विस्तार में फेरबदल का आधार बनेगा। इसकी थीम ‘विकसित भारत 2047’ है।
2021 में मोदी ने पूरी केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ कुल 5 ‘चिंतन शिविर’ किए थे। पहला 14 सितंबर को हुआ था और अंतिम नवंबर में हुआ। हर सत्र करीब 5 घंटे चला। इसमें मंत्रियों के कामकाज, कार्यकुशलता, समय और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, योजनाओं की निगरानी और शासन सुधार पर चर्चा हुई थी। इसके बाद नवंबर 2021 में 77 मंत्रियों को आठ समूहों में बांटकर अलग-अलग प्रशासनिक विषयों पर काम आगे बढ़ाने की कवायद भी हुई।


- जेन जी: जेनजी से तालमेल के लिए अब तक उस मिनिस्टर ने क्या किया। तालमेल का फार्मेट क्या है? उसके इलाके में जेन जी के मुख्य मुद्दे क्या हैं? जेन जी के साथ कितनी बैठकें, चर्चा कीं। जेन जी का बीजेपी को लेकर रुख क्या है?
- यूजीसी: यूजीसी मुद्दे को लेकर जेन जी क्या सोचता है? यह आपके इलाके में कितना प्रभावी रहा। मिनिस्टर को ये भी बताना होगा कि उसके पास इशू को लेकर प्लान क्या है?
- महिला आरक्षण: इससे जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन विधेयक, मोदी सरकार अप्रैल में पास नहीं करवा पाई थी। 2014 के बाद पहली बार था, जब कोई सरकारी बिल वोटिंग के बाद गिर गया था। इस बिल पर चर्चा होगी। इसे कैसे पास करवाना है। सभी मंत्रियों से सुझाव मांगे गए हैं। इसके जरिए 2023 में पास हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम (33% महिला आरक्षण) को जल्द लागू करना था। इस बिल के पास होने के बाद ही लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर लगभग 850 करने, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने और आरक्षण लागू करने का प्रावधान होना था।
- युवा और रोजगार: युवा रोजगार को लेकर क्या सोचते हैं? वो कितना संतुष्ट हैं और कितना असंतुष्ट।
मोदी ने 4 साल पहले लाल किला पर विकसित भारत 2047 की बात कही थी
पीएम मोदी ने पहली बार 76वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2022) पर लाल किला से विकसित भारत 2047 की बात की थी। उन्होंने अगले 25 सालों में भारत को पूरी तरह से विकसित देश बनाने का संकल्प लिया था।
इससे पहले 2021 में वरिष्ठ अधिकारियों की 10 टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने देश के विकास का जो डेटा जुटाया है, बैठक में उसी के आधार पर आगे की रणनीति बनेगी।
2021 से चल रही है विकसित भारत की तैयारी
विकसित भारत 2047 की तैयारी 2021 से चल रही है। तब सचिवों के 10 सेक्टोरल ग्रुप बनाए गए थे।
इन ग्रुप्स को विजन @2047 तैयार करने और कम व लंबे समय की योजनाओं का रोडमैप बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद से अभी तक कैबिनेट ने विकसित भारत के अलग-अलग पहलुओं पर आठ प्रजेंटेशन्स और चर्चाएं की हैं।









