छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने BEML प्लांट, WAMIS, ADB से 15 करोड़ की ग्रांट, S-SNA मॉडल और CSPGCL के 200 करोड़ के बॉन्ड सहित कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी।
रायपुर। सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के औद्योगिक विकास, डिजिटल प्रशासन, सड़क निर्माण, वित्तीय प्रबंधन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों से निवेश, रोजगार, पारदर्शिता और अधोसंरचना विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ में हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट (Heavy Earth Moving Equipment) मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना के लिए भारत सरकार के मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह राज्य का पहला ऐसा उद्योग होगा, जिससे छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और एमएसएमई क्षेत्र को भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
PWD में WAMIS के निर्माण को मिली मंजूरी
लोक निर्माण विभाग (PWD) में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क्स एंड अकाउंट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) के प्रथम चरण को भी मंजूरी दी गई। इस प्रणाली के लागू होने के बाद कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन और गुणवत्ता निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।
मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता समाप्त
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के दिशा-निर्देशों में भी संशोधन को मंजूरी दी है। अब ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी रोड और नाली निर्माण किया जा सकेगा। साथ ही सड़क निर्माण से पहले मनरेगा के तहत मिट्टी कार्य कराने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
15 करोड़ रुपये अनुदान प्रस्ताव को मिली मंजूरी
बैठक में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से ‘अंजोर LIGHT’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्ण अनुदान स्वीकार करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। यह परियोजना 1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029 तक संचालित होगी और इसमें राज्य या केंद्र सरकार का कोई वित्तीय अंशदान नहीं होगा। इसके तहत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को मजबूत करने, पीपीपी इकोसिस्टम विकसित करने, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा देने, सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता सुधारने और ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047’ के अनुरूप परियोजनाओं की पाइपलाइन तैयार की जाएगी। अनुदान आधारित होने के कारण इस परियोजना से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
S-SNA मॉडल लागू करने को मिली मंजूरी
सरकार ने राज्य योजनाओं के लिए स्टेट सिंगल नोडल एजेंसी (S-SNA) मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत योजनाओं की राशि विभिन्न खातों में निष्क्रिय रहने के बजाय एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट से जरूरत के अनुसार सीधे हितग्राहियों और वेंडरों को जारी की जाएगी। इससे वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और नकदी प्रबंधन में सुधार होगा।
कंपनी को मिलेगी मदद
ऊर्जा क्षेत्र को बजबूत करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/ बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की मंजूरी भी दी। इस निर्णय से कंपनी को वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्प मिलेंगे और राज्य की विद्युत अवसंरचना के विकास को गति मिलेगी






