रायपुर: राजधानी में गणेशोत्सव पर आस्था के रंग चारों तरफ बिखरे हुए हैं. करीब 100 बड़े पंडालों में गणपति की स्थापना हुई है. जिनमें से कई जगह अलग-अलग रूप और स्वरूप में अनोखी प्रतिमाएं भी दिख रही हैं. इनमें से कुछ गणपति पर्यावरण का संदेश दे रहे हैं. ऐसी ही एक प्रतिमा है रामसागर पारा में जो पूरी तरह से हर्बल धूपबत्ती से निर्मित है. इस गणपति में खास बात यह है कि इसे भगवान राम के स्वरूप में बनाया गया है.
श्रद्धालुओं ने की सराहना
श्रद्धालु अंजलि गोलछा ने बताया कि यह गणपति काफी खास है. क्योंकि यह पर्यावरण से रिलेटेड है. इसका निर्माण धूप बत्ती से किया गया है. यहां पर हर साल पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह के गणपति की स्थापना की जाती है. कभी रुद्राक्ष से कभी पेंसिल से इस गणेश पंडाल में गणपति विराजित होते हैं.
रायपुर में आकर्षण का केंद्र बनी धूपबत्ती वाली अनोखी प्रतिमा
समिति ने बताई प्रतिमा की खासियत
रामसागर पारा के श्री बाल गजानंद गणेश उत्सव समिति के अध्यक्ष कन्हाई खंडेलवाल ने बताया कि इस गणपति में खास बात यह है कि यह पूरी तरह से धूप बत्ती से बनाई गई है. इसमें मिट्टी और कलर का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं किया गया है. पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए हर्बल धूपबत्ती का इस्तेमाल किया गया है.
11 फीट की रामस्वरूप में बनी इस गणपति प्रतिमा में लगभग 31000 पीस हर्बल धूपबत्ती का इस्तेमाल किया गया है. धूपबत्ती से निर्मित गणपति का वजन लगभग 150 किलोग्राम के आसपास होगा.
कई पंडालों में इस बार पर्यावरण का संदेश
पहले भी की कई सराहनीय पहल
इसके पहले समिति के द्वारा चंदन की लकड़ी से निर्मित गणपति भी विराजित किया गया था. इसके साथ ही अनाज, पेंसिल, ड्राई फ्रूट्स, शंख सीप के साथ ही कोविड के दौर में जिन चीजों से काढ़ा बनाया जाता था उस समान से भी गणपति की स्थापना की गई थी. इस समिति के लोग स्कूल फ्रेंड है और उन्हीं के माध्यम से हर साल अलग तरह का निर्णय लिया जाता है कि इस बार गणपति की थीम कैसी होगी.