


कोरबा में महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने समय रहते कार्रवाई कर एक बाल विवाह को रुकवा दिया। मामला चिमनी भट्ठा बस्ती का है, जहां नाबालिग लड़का-लड़की की शादी की तैयारी चल रही थी।
*समय पर पहुंची टीम, रोका गया विवाह*
जानकारी के अनुसार चिमनी भट्ठा बस्ती में *15 साल के लड़के और 13 साल की लड़की* का विवाह तय किया गया था। इसकी सूचना मिलते ही *महिला एवं बाल विकास विभाग* की टीम और *मानिकपुर चौकी पुलिस* मौके पर पहुंची।
टीम ने परिजनों को बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणाम और सजा के बारे में समझाया। इसके बाद परिवार ने शादी न कराने का आश्वासन दिया और विवाह को तत्काल रोक दिया गया।
*कानूनी कार्रवाई की चेतावनी*
अधिकारियों ने परिजनों को हिदायत दी कि नाबालिग होने तक बच्चों की शादी नहीं की जाएगी। विभाग ने परिवार की काउंसलिंग भी की और बच्चों की शिक्षा जारी रखने के निर्देश दिए।
महिला बाल विकास अधिकारी ने कहा कि _बाल विवाह कानूनन अपराध है। अगर भविष्य में इस तरह की शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।_
पुलिस ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर ली है और मामले पर नजर रखी जा रही है।





