छत्तीसगढ़ के Sukma जिले में कभी ऐसे कई गांव थे, जहां नक्सल प्रभाव के कारण सुरक्षा बलों की पहुंच तक नहीं हो पाती थी। इन्हीं गांवों में से एक था मोरपल्ली, जिसे कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। लेकिन अब क्षेत्र के नक्सल मुक्त होने के बाद हालात बदलते नजर आ रहे हैं।
मोरपल्ली गांव में पहली बार Central Reserve Police Force की 74वीं बटालियन द्वारा सिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। गांव में पहली बार इस तरह का आयोजन होने से बड़ी संख्या में ग्रामीण कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की गई। बच्चों के लिए खेल सामग्री दी गई, वहीं मेडिकल कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। इन सुविधाओं को देखकर ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम में शामिल ग्रामीण जमीन पर सादगी से बैठकर अपने नाम पुकारे जाने का इंतजार करते नजर आए। सामग्री वितरण के बाद सभी ने स्वल्पाहार भी ग्रहण किया। सुरक्षा बलों और ग्रामीणों के बीच बेहतर संवाद और विश्वास का माहौल भी देखने को मिला।
अधिकारियों का कहना है कि नक्सल प्रभावित और अब नक्सल मुक्त हो चुके गांवों में इस तरह के कार्यक्रमों से ग्रामीणों की सोच में सकारात्मक बदलाव आएगा और विकास के प्रति विश्वास मजबूत होगा।



