
कोरबा।रविवार घटना सामने आई जहा पेट की मजबूरी और हालात की मार 16 वर्षीय नाबालिग रमाकांत को उस दर्दनाक हादसे तक ले आई जिसने उसकी जिंदगी पर गहरा घाव छोड़ दिया है। मानिकपुर चौकी क्षेत्र के मुड़ापार बाजार में गन्ना जूस की दुकान में काम कर रहे इस किशोर का हाथ अचानक मशीन में फंस गया। हादसे में उसके बाएं हाथ की चार उंगलियां टूट गईं और पूरा पंजा बुरी तरह घायल हो गया। इस हादसे में उसके चार उंगलियां बुरी तरह से चपेट में आ गई।
वह इस घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया हाथ मशीन की चपेट में आने के बाद तत्काल मशीन को बंद किया गया नहीं तो बड़ी घटना घट सकती थी समय रहते किसी तरह मशीन बंद कर काबू पाया गया।
बताया जा रहा है कि रमाकांत परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण गन्ना जूस की दुकान में मजदूरी करने को मजबूर था। रोज की तरह वह मशीन में गन्ना डाल रहा था तभी अचानक उसका हाथ मशीन के रोलर में चला गया। चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े और बड़ी मुश्किल से मशीन बंद कर उसका हाथ बाहर निकाला। खून से लथपथ हालत में उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसका इलाज जारी है। दर्द से कराह रहे रमाकांत के परिवार पर चिंता का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक नाबालिग से इस तरह का खतरनाक काम क्यों कराया जा रहा था। क्या दुकान संचालक को बाल श्रम कानूनों का कोई डर नहीं है। क्या प्रशासन की नजरें इस तरह के मामलों पर नहीं पड़तीं। बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम के तहत नाबालिगों से खतरनाक मशीनों पर काम कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में गन्ना जूस मशीनों पर खुलेआम नाबालिगों से मजदूरी कराई जा रही है।
यह हादसा केवल दुर्घटना नहीं बल्कि सिस्टम की लापरवाही और कानून के खुले उल्लंघन का उदाहरण है। श्रम विभाग और प्रशासन की उदासीनता के कारण बाल श्रम जैसी कुप्रथा पर रोक नहीं लग पा रही है। दुकान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं।
अब देखना यह है कि इस घटना के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। स्थानीय लोगों ने दोषी दुकान संचालक पर कड़ी कार्रवाई और घायल किशोर को मुआवजा दिलाने की मांग की है।





