छत्तीसगढ़ . देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। 6 राज्यों में डेट आगे बढ़ी है। इसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। छत्तीसगढ़ में फॉर्म भरने के लिए 1 हफ्ते की समय सीमा बढ़ाई गई है। अब 18 दिसंबर तक फॉर्म भरे जाएंगे।
प्रदेश में BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म दे रहे हैं। लेकिन अब तक हजारों आवेदन आयोग तक नहीं पहुंचे हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं ने फॉर्म जमा नहीं किया, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
आयोग के अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची में सुधार और अपडेट के लिए अनिवार्य है। इसमें नए 18 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं को जोड़ा जाएगा, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं को हटाया जाएगा। गलत नाम या पते ठीक किए जाएंगे।

समय पर फॉर्म नहीं भरने वालों पर होगी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में SIR जमा करने का आज गुरुवार को अंतिम दिन था। बुथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं से फॉर्म जमा करवा रहे हैं। आयोग ने कहा कि जो लोग फॉर्म समय पर जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
हजारों फॉर्म अब तक नहीं पहुंचे आयोग
आयोग में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार छत्तीसगढ़ में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार 737 मतदाता है। इन मतदाताओं की SIR प्रक्रिया करवाने के लिए 24 हजार 371 BLO और 38 हजार 846 BLA की ड्यूटी लगी है। BLO एक मतदाता की SIR प्रक्रिया करने के लिए तीन-तीन बार पहुंच रहे हैं। फिर भी मतदाता SIR प्रक्रिया का फॉर्म जमा नहीं कर रहे हैं। इस स्थिति में आयोग के अधिकारी एक्शन लेने की तैयारी कर रहे हैं।
30 नवंबर को SIR की डेडलाइन बढ़ाई गई थी
चुनाव आयोग ने 30 नवंबर को SIR की समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया था। आयोग ने कहा था कि अब अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। मतदाता जोड़ने-हटाने का टाइम यानी वोटर वेरिफिकेशन 11 दिसंबर तक होना था। लेकिन इसे एक सप्ताह यानी 18 दिसंबर तक और बढ़ाया गया है।
पॉलिटिकल पार्टियों को मिलेगी मृत मतदाताओं की सूची
निर्वाचन आयोग ने बुधवार को कहा कि SIR प्रक्रिया के तहत राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने से पहले मृत, स्थानांतरित और गैरमौजूद वोटरों की सूची दी जाएगी।
इससे पहले आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को हर बूथ के हिसाब से अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट वोटरों की सूची तैयार कर बूथ एजेंटों को देने का निर्देश दिया है। ये वे वोटर हैं जिनसे बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) तीन बार कोशिश के बावजूद संपर्क नहीं कर सके। बिहार में हुई SIR प्रक्रिया के दौरान भी यही तरीका अपनाया गया था।




