रजिस्टर्ड डाक सेवा हाेगी बंद, अगले महीने से आप नहीं भेज पाएंगे रजिस्ट्री वाली चिट्ठी

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रायपुर। भारतीय डाक विभाग के एक परिपत्र के मुताबकि 1 सितंबर, 2025 से रजिस्टर्ड पोस्ट (Registered Post) सेवा बंद हो जाएगी। डाक विभाग स्पीड पोस्ट (Speed Post) के साथ रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा को इंटीग्रेट करने की राह पर है। सरकार का दावा है कि ऐसा करने से काम करने का तरीका और भी आधुनिक हो जाएगा। यह सेवा अब स्पीड पोस्ट में मर्ज कर दी जाएगी। इसके बाद जरूरी दस्तावेज या पार्सल भेजने के लिए केवल स्पीड पोस्ट ही विकल्प रहेगा।

डाक सेवाओं में यह एक बड़ा बदलाव है। डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी पोस्टमास्टरों को 31 जुलाई तक जरूरी संशोधन करने के निर्देश दिए थे, जिससे यह बदलाव 1 सितंबर से प्रभावी हो सके। सभी सरकारी दफ्तरों, न्यायालयों और अन्य संस्थानों को भी अपने संचार माध्यमों में बदलाव करने को कहा गया है।

कब शुरू हुई थी यह सेवा..?

प्राप्त जानकारी के अनुसार रजिस्टर्ड डाक सेवा की शुरुआत 1854 में ब्रिटिश शासन के दौरान ‘लॉर्ड डलहौजी द्वारा की गई थी। इससे पहले 1766 में वारेन हेस्टिंग्स ने ईस्ट इंडिया कंपनी के अंतर्गत ‘कंपनी मेल’ की शुरुआत की गई थी। रजिस्टर्ड डाक आम जनता के लिए एक भरोसेमंद और सस्ता विकल्प रहा है, 171 साल पुरानी रजिस्टर्ड डाक सेवा अब समाप्त होने जा रही है । यह सेवा स्पीड पोस्ट में समाहित कर दी जाएगी, जिससे ट्रैकिंग, डिलीवरी और सुविधा में सुधार होगा। स्पीड पोस्ट सेवा अधिक तेज है, जिससे पत्र या पार्सल जल्दी अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। हालांकि इसकी दरें रजिस्टर्ड डाक की तुलना में अधिक होंगी, लेकिन सुविधाएं भी बेहतर मिलेंगी। एकीकृत सेवा होने से डाक विभाग के संचालन में तेजी आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा । स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे गए पार्सलों की ऑनलाइन रीयल-टाइम ट्रैकिंग की जा सकेगी, जो रजिस्टर्ड डाक में सीमित थी।

दशकों से बड़ी इज्जत थी रजिस्ट्री चिट्ठी की

रजिस्ट्री चिट्ठी या रजिस्टर्ड पोस्ट की अभी तक बड़ी इज्जत रही है। कोई महत्वपूर्ण कागजात भेजना हो, बाहर पढ़ने वाले बच्चों को बैंक ड्राफ्ट बना कर भेजना हो या रक्षा बंधन पर राखी, सबके लिए रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल होता है। आजादी के बाद से ही रजिस्टर्ड पोस्ट बेहद भरोसेमंद माना जाता था। सरकार भी अपाइन्टमेंट लेटर भेजने में इसका इस्तेमाल करती रही है। साथ ही अदालत भी कानूनी नोटिस इसके जरिए भेजा करती थी।

क्यों हुआ है यह बदलाव

बताया जा रहा है कि यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है क्योंकि रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल बहुत कम हो गया है। लोग अब ऑनलाइन चीजें इस्तेमाल करने लगे हैं। व्हाट्सऐप और ईमेल के चलते अब पत्र लिखना या भेजना भी कम हो गया है। इसके अलावा प्राइवेट कूरियर (Private Courier) और ई-कॉमर्स (E-commerce) लॉजिस्टिक्स से भी रजिस्टर्ड पोस्ट का मुकाबला बढ़ गया है।

सरकार चाहती है स्पीड पोस्ट चलता रहे

डाक विभाग की ही एक और सेवा स्पीड पोस्ट है। इसे 1986 में शुरू किया गया था। रजिस्ट्री चिट्ठी की तरह ही इसमें भी बुकिंग के वक्त रसीद दी जाती है। इसे आप ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। हालांकि, स्पीड पोस्ट की सेवा रजिस्टर्ड पोस्ट से महंगी है। अब डाक विभाग का रेट देखिए। रजिस्टर्ड पोस्ट की शुरुआत 25.96 रुपये से होती थी। इसके बाद हर 20 ग्राम के लिए 5 रुपये ज्यादा लगते थे। वहीं स्पीड पोस्ट 50 ग्राम तक के पार्सल के लिए 41 रुपये से शुरू होता है। यह लगभग 20-25% महंगा है।

एक युग का अंत

रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा का बंद होना एक युग का अंत होना है। रजिस्टर्ड पोस्ट काफी लोगों के लिए भरोसे का प्रतीक रहा है, खासकर गांवों में रहने वाले लोगों के लिए। बैंक, विश्विद्यालय और सरकारी विभाग कानूनी रूप से मान्य कागजात भेजने के लिए रजिस्टर्ड पोस्ट का इस्तेमाल होता रहा है।