श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व पर स्वर्ण मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, दीपमाला और आतिशबाजी से जगमगाई ‘गुरु नगरी
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अमृतसर: सिखों के चौथे गुरु और ‘गुरु नगरी’ अमृतसर के संस्थापक श्री गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व (जन्म जयंती) आज पूरे देश और विदेश में अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर, अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
0 भव्य सजावट और विशेष समारोह
गुरुपर्व के उपलक्ष्य में, श्री हरमंदिर साहिब परिसर को देश-विदेश के सुगंधित और रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। फूलों की मनमोहक सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पूरे गुरुद्वारे को सुंदर लाइटों से जगमगाया गया, जिससे स्वर्ण मंदिर का प्रतिबिंब पवित्र सरोवर में अद्भुत और अलौकिक दिखाई दे रहा है।
0 पवित्र सरोवर में डुबकी और मत्था टेकना
श्रद्धालु सुबह से ही श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकने के लिए लंबी कतारों में लगे रहे। इस दिन पवित्र सरोवर में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। लाखों भक्तों ने पवित्र डुबकी लगाकर गुरु का आशीर्वाद लिया। पूरा परिसर दिन भर गुरुवाणी और अरदास से गूंजता रहा।
0 दीपमाला और आतिशबाजी का भव्य आयोजन
शाम होते ही गुरुपर्व का उल्लास अपने चरम पर पहुंच गया। शाम को दीपमाला का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं द्वारा घी के दीये जलाए गए, जिससे पूरा स्वर्ण मंदिर परिसर सुनहरी रोशनी से नहा उठा। इसके बाद, देर शाम आतिशबाजी का मनमोहक प्रदर्शन किया गया, जिससे आसमान रंगीन हो उठा और यह दृश्य हर किसी को मंत्रमुग्ध करने वाला था।
सिख पंथ के लिए यह विशेष दिन, गुरु रामदास जी के निस्वार्थ सेवा, विनम्रता और समाज के प्रति अतुलनीय योगदान को याद करने का एक अवसर है।




