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सदियों से चली आ रही है पितृ पक्ष में पिंडदान और तर्पण करने की परंपरा,इस वर्ष 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध एक ही दिन

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Acn18. Com.धर्म में पितृ पक्ष केवल एक धार्मिक अवधि नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने और पूर्वजों (पितरों) के प्रति अनन्य श्रद्धा प्रकट करने का विशेष अवसर होता है. मान्यता है कि भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन अमावस्या तक चलने वाले पितृ पक्ष में पितृ देव अपने परिजनों को सुख, समृद्धि और वंश वृद्धि का आशीर्वाद देने के लिए धरती पर आते हैं.

*एक नजर में पितृ पक्ष का पूरा कैलेंडर*

 

पूर्णिमा श्राद्ध- 26 सितंबर 2026, शनिवार

 

प्रतिपदा तिथि श्राद्ध- 27 सितंबर 2026, रविवार

 

द्वितीया श्राद्ध- 28 सितंबर 2026, सोमवार

 

तृतीया श्राद्ध- 29 सितंबर 2026, मंगलवार

 

चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध- 30 सितंबर 2026, बुधवार

 

षष्ठी तिथि का श्राद्ध- 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार

 

सप्तमी तिथि का श्राद्ध- 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार

 

अष्टमी तिथि का श्राद्ध- 3 अक्टूबर 2026, शनिवार

 

नवमी तिथि का श्राद्ध- 4 अक्टूबर 2026, रविवार

 

दशमी तिथि का श्राद्ध- 5 अक्टूबर 2026, सोमवार

 

एकादशी तिथि का श्राद्ध- 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार

 

द्वादशी तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2026, बुधवार

 

मघा तिथि का श्राद्ध- 7 अक्टूबर 2026, बुधवार

 

त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध- 8 अक्टूबर 2026, गुरुवार

 

चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध- 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार

 

सर्वपितृ अमावस्या-10 अक्टूबर 2026, शनिवार

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