छत्तीसगढ़ की राजनीति में शनिवार को एक ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने सबको चौंका दिया। भाजपा नेता अक्षय गर्ग हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुस्ताक अहमद ने बिलासपुर सेंट्रल जेल से हथकड़ी पहनकर आकर पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत सदस्य का नामांकन दाखिल कर दिया। खास बात यह कि वह उसी सीट से चुनाव लड़ रहा है, जिसके जनपद सदस्य अक्षय गर्ग थे।
*क्या है पूरा मामला?*
1. *23 दिसंबर का खूनी दिन*
केशलपुर गांव में दिनदहाड़े भाजपा नेता और जनपद सदस्य अक्षय गर्ग की कुल्हाड़ी और चाकू से काटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे गहरी राजनीतिक रंजिश थी। इस केस में मुस्ताक अहमद समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
2. *जेल से सीधे नामांकन तक*
शनिवार को भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच मुस्ताक अहमद को बिलासपुर जेल से कोरबा लाया गया। हथकड़ी पहने, पुलिस घेरे में उसने पोड़ी उपरोड़ा जनपद कार्यालय पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल किया। कोर्ट से उसे नामांकन दाखिल करने की अनुमति मिली थी।
3. *उसी सीट से चुनाव*
अक्षय गर्ग की हत्या के बाद जनपद सदस्य की सीट खाली हो गई थी। उपचुनाव की घोषणा होते ही आरोपी मुस्ताक अहमद ने उसी सीट से दावेदारी ठोक दी। इससे इलाके की सियासत गरमा गई है।
*पुलिस-प्रशासन अलर्ट*
नामांकन के दौरान पोड़ी उपरोड़ा में भारी पुलिस बल तैनात रहा। एसडीओपी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को लाया गया था, नामांकन के बाद वापस जेल भेज दिया गया।
*कानून क्या कहता है?*
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अनुसार, 2 साल या उससे ज्यादा सजा होने पर ही चुनाव लड़ने पर रोक है। विचाराधीन कैदी या जमानत पर रिहा व्यक्ति नामांकन दाखिल कर सकता है। दोष सिद्ध होने पर सदस्यता रद्द हो जाती है।
नामांकन प्रक्रिया 20 मई तक चलेगी। 10 जून को मतदान और 13 जून को नतीजे आएंगे। अब देखना है कि जनता इस ‘खौफनाक मोड़’ पर क्या फैसला सुनाती है।





