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एसईसीएल और कलिंगा के अधिकारियों ने आदिवासी देव स्थल में किया तोड़फोड़, खदान में फेंकने की धमकी भी दिया

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हरदीबाजार/कोरबा आदिवासी देवस्थल के प्रतीक झण्डे को फेकवाने व खम्भे को जबरदस्ती तोड़वाने,जातिगत गाली गलौच, बेघर करने की धमकी, खदान में फेकवाने की धमकी सर्वजानिक रूप से दिये जाने के संबंध में ग्रामीणों द्वारा एसईसीएल दीपका जीएम मिश्रा साहब, मनोज कुमार जी.एम.खनन एसईसीएल, विकास दुबे कंलिगा कम्पनी एवं इनके अन्य बॉउंसर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही करने के संबंध में हरदीबाजार थाना में शिकायत की गई है ।

शिकायत पत्र में बताया गया कि ग्राम अमगॉव, दर्राखांचा थाना हरदीबाजार जिला कोरबा छ.ग. के मुहल्ला के बीच में आदिवासी देवस्थल के प्रतीक चार लाल झण्डा व देवस्थल का पूजा पाठ करते ग्रामीण चले आ रहे हैं किन्तु दिनॉक 27 दिसंबर 2024 दोपहर 12 बजे लगभग मिश्रा साहब, मनोज कुमार एसईसीएल अधिकारी व विकास दुबे,कलिंगा कम्पनी मिलकर इनके इशारे पर अन्य बॉउंसर द्वारा मिलकर पीड़ितों के घर के सामने आदिवासी देवस्थल के प्रतीक चार लाल झण्डा व पूजा पाठ कर स्थापित खम्भे को इन सभी ने मिलकर तोड़वाया मुहल्लावासियों को समुहिक रूप से सर्वजनिक स्थल में आदिवासियों को जातिगत गाली गलौच किया साथ ही हम सभी को बेघर करने की धमकी, खदान में फेकवाने की धमकी दिये सभी पीड़ित ग्रामवासी भयभीत व डरे हुये हैं भविष्य में किसी प्रकार की कोई अप्रिय दुर्घटना होती है तो इन सभी के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही किया जावे सार्वजनिक स्थल में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के समुदाय को ठेस पहुॅचाने का लगाया गया है ।

गौरतलब है कि एसईसीएल दीपका हमेशा विवादों से घिरा हुआ है एक ओर कोयला खनन के लिए जमीन संकट और दूसरी ओर उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के दबाव के बीच भूविस्थापितों की समस्याओं के निराकरण नही हो पाने की वजह से शिकायतों का सिलसिला समाप्त ही नही हो रहा है सुआभोडी , मलगांव और अमगांव में मुआवजा में धांधली की खिलाफ शिकायतों के बाद सीबीआई की कार्यवाही हो रही है हैवी ब्लास्टिंग और घरों के नजदीक खदान विस्तार की शिकायतें खान सुरक्षा महानिदेशालय से भी की गई है जिसकी जांच चल रही है अब प्रशासन की मदद से गांव वालों और भूविस्थापितों के आवाज और आंदोलन को कुचलने के लिए झूठे मामले दर्ज कराने जेल भेजने पेनाल्टी लगाने जैसी कार्यवाही दीपका प्रबन्धन के द्वारा किया जा रहा है|

जिसके कारण अब ग्रामीणों और प्रबन्धन के बीच सबन्ध तीखा होने लगा है पिछले दिनों जोकाही डबरी में सतनामी समाज के जैतखाम को उखाड़ने का आरोप लगा था और अब दर्राखांचा में आदिवासी समुदाय के पूजा स्थल को तोड़ने की शिकायत की गई है यहां पर बिजली कनेक्शन काटने और सोलर स्ट्रीट लाइट को उखाड़ने का आरोप भी एसईसीएल प्रबन्धन पर लगाई जा रही है प्रबन्धन को ग्रामीणों की रोजगार , बसाहट और मुआवजा जैसी मुख्य मांगो के निपटारे को लेकर गंभीरता दिखाने की जरूरत है जिसपर वह नाकाम है जिसके कारण ऐसी विरोध और समस्याएं आ रही है ।

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