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रायपुर : सेवा की कहानी: पक्के घर से बदली जिंदगी, हुनर से आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ीं संगीता कश्यप

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शासकीय योजनाओं से मिला संबल, महिला समूह से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई को बनाया आजीविका का जरिया

‘लखपति दीदी’ बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही हैं संगीता

रायपुर, 21 सितंबर 2026

सेवा की कहानी: पक्के घर से बदली जिंदगी, हुनर से आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ीं संगीता कश्यप

सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा की कहानी’ पहल के माध्यम से शासकीय योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते उनके सफर को सामने लाया जा रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत अमोरा की श्रीमती संगीता कश्यप की कहानी भी ऐसे ही बदलाव की प्रेरक कहानी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से मिला पक्का घर परिवार के लिए सुरक्षा और स्थायित्व का आधार बना, वहीं संजीवनी महिला समूह से जुड़कर संगीता ने अपने हुनर को आजीविका का माध्यम बनाया। अब वे सिलाई-कढ़ाई का काम कर परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान दे रही हैं और ‘लखपति दीदी’ बनने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही हैं।

सेवा की कहानी: पक्के घर से बदली जिंदगी, हुनर से आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ीं संगीता कश्यप

’पक्के घर से मिला सुरक्षा और सम्मान का एहसास’

श्रीमती संगीता कश्यप के परिवार के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मिला पक्का घर जीवन में आए महत्वपूर्ण बदलाव का आधार बना। पहले आवास संबंधी कठिनाइयों के बीच परिवार को सुरक्षित और सुविधाजनक घर की आवश्यकता महसूस होती थी। पक्का आवास मिलने से परिवार को सुरक्षित आशियाना मिला और जीवन में स्थायित्व आया। घर के साथ परिवार को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिला।

उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से शौचालय, रोजगार गारंटी योजना के तहत 90 दिवस का रोजगार तथा महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली आर्थिक सहायता ने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग दिया। विभिन्न योजनाओं से मिली सुविधाओं ने परिवार की जीवन परिस्थितियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

’महिला समूह से जुड़कर हुनर को बनाया आजीविका’

संगीता के जीवन में बदलाव केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं रहा। संजीवनी महिला समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपने हुनर को आय के साधन में बदलने का अवसर मिला। सिलाई-कढ़ाई में रुचि और कौशल को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने गांव में ही सिलाई का काम शुरू किया। घर के नजदीक काम करने की सुविधा से वे परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपनी आय अर्जित कर पा रही हैं।

अपने काम को धीरे-धीरे आगे बढ़ाते हुए संगीता आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। वे सिलाई-कढ़ाई के काम को विस्तार देकर अपनी आय बढ़ाने और ‘लखपति दीदी’ बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही हैं। उनके लिए यह लक्ष्य केवल आय में वृद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बनने और परिवार के लिए मजबूत आर्थिक आधार तैयार करने का संकल्प है।

श्रीमती संगीता कश्यप की कहानी बताती है कि जब शासन की योजनाओं से मिलने वाली सुविधाएं व्यक्ति के हुनर, मेहनत और प्रयास से जुड़ती हैं, तो आत्मनिर्भरता की राह और मजबूत होती है। पक्का आवास और मूलभूत सुविधाओं से जहां परिवार को सुरक्षा और स्थायित्व मिला, वहीं महिला समूह से जुड़ाव ने संगीता को अपने कौशल को आजीविका में बदलने का अवसर दिया।

श्रीमती संगीता कश्यप ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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