
दीपका नगर पालिका एक बार फिर सवालों के घेरे में है। वार्ड क्रमांक 21 ऊर्जा नगर में विधायक मद से निर्मित सामुदायिक भवन की गुणवत्ता और उपयोगिता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।
दावा है कि लाखों रुपये की लागत से बने सामुदायिक भवन में आज तक बिजली, पेयजल, बोर, पानी की टंकी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इतना ही नहीं, निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद भवन की छत पर पानी भरने लगा, जिससे पूरे कमरे में सीपेज की समस्या सामने आ गई।
गौरतलब है कि दीपका नगर पालिका क्षेत्र में बनाए जा रहे सामुदायिक भवनों की गुणवत्ता और उनकी उपयोगिता को लेकर सवाल उठा रहे है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एसईसीएल कॉलोनी क्षेत्र में बने इन सामुदायिक भवनों का संचालन और रखरखाव किसके जिम्मे है? इनके रखरखाव पर कितना खर्च हो रहा है? सामाजिक उपयोग से कितनी आय हो रही है? और क्या इस पूरी व्यवस्था का कोई पारदर्शी लेखा-जोखा मौजूद है?
इन सवालों के बीच नगर पालिका द्वारा नए सामुदायिक भवनों के निर्माण की तैयारी भी की जा रही है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि जब पहले से बने भवन ही अधूरी सुविधाओं और निर्माण संबंधी खामियों से जूझ रहे हैं, तब नए निर्माण की आवश्यकता और प्राथमिकता क्या है?






