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NEET की परीक्षा : तीन मिनट की देरी पर छात्रा को नहीं मिला सेंटर में प्रवेश, जमीन पर बैठकर फूट- फूट कर रोई

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देशभर में रविवार को NEET-UG 2026 की परीक्षा आयोजित की गई थी। रायपुर में 26 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। तीन मिनट की देरी पर छात्रा को सेंटर में प्रवेश नहीं मिला।

 

रायपुर। तीन मिनट की देर एक छात्रा की सालभर की मेहनत पर भारी पड़ गई। रविवार को आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट अर्थात नीट के लिए रायपुर में 26 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दानी गर्ल्स स्कूल में परीक्षा दिलाने पहुंची एक छात्रा निर्धारित समय से तीन मिनट विलंब से पहुंची। छात्रा और उसके परिजन प्रवेश के लिए विनती करते रहे, लेकिन अधिकारियों ने नियमों का हवाला देकर प्रवेश से इनकार कर दिया। अमलीडीह से कालीबाड़ी स्थित गर्ल्स स्कूल पहुंची छात्रा वहीं जमीन पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगी।

 

नियमों को लेकर यह सख्ती लगभग प्रत्येक परीक्षा केंद्र में देखने को मिली। सभी छात्रों को नियमों की इस अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ा। परीक्षा दोपहर 2 बजे प्रारंभ हुई। इसके आधे घंटे पूर्व अर्थात 1.30 मिनट पर परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए थे। प्रवेश सुबह 11 बजे प्रारंभ हुआ था। रायपुर में बनाए गए 26 केंद्रों में परीक्षा दिलाने 9156 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। उपस्थिति का स्तर राजधानी में अच्छा रहा। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, अधिक परीक्षा केंद्रों में उपस्थित छात्रों की संख्या 95 प्रतिशत से अधिक रही। परीक्षार्थियों की संख्या और उनकी सुविधा को देखते हुए अन्य जिलों में भी केंद्र बनाए गए थे।

 

 

बायोलॉजी सबसे सरल

एलन कॅरियर इंस्टिट्यूट रायपुर के सेंटर हेड कुणाल सिंह का मानना है, फिजिक्स में न्यूमेरिकल आधारित प्रश्नों ने कैलकुलेशन में अधिक समय लिया। कैमिस्ट्री के अंतर्गत ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री से आसान प्रश्न पूछे गए थे। इसमें एक भी प्रश्न स्टेटमेंट आधारित नहीं था। मैच द कॉलम संबंधित प्रश्नों की संख्या ज्यादा थी। फिजिकल कैमिस्ट्री से 17 प्रश्न पूछे गए थे। बॉयोलॉजी का पेपर एनसीईआरटी सिलेबस आधारित एवं स्कोरिंग रहा। पेपर का लेवल आसान से मध्यम स्तरीय रहा। ऑनलाइन पोल पर आए विद्यार्थियों के फीडबैक के अनुसार करीब 34 प्रतिशत विद्यार्थियों ने पेपर को आसान एवं 58 प्रतिशत ने पेपर को मध्यम स्तरीय बताया। सिर्फ आठ प्रतिशत विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्होनें पेपर को कठिन बताया। पेपर पूरी तरह से एनसीईआरटी आधारित रहा।