Acn18. Com. कोरबा कोरबा के निहारिका रोड स्थित महानदी कॉम्प्लेक्स में श्रीरामचरितमानस से मानव चरित्र निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मानस एवं भागवत मर्मज्ञ पंडित देवशरण दुबे ने रामायण के पात्रों के माध्यम से जीवन के आदर्श, त्याग और संस्कारों का संदेश दिया।सर्वधर्मार्थ कल्याण सेवा समिति और निहारिका गणेशोत्सव समिति के आयोजन में पंडित देवशरण दुबे ने कहा कि रामायण में भगवान श्रीराम के अनुज शत्रुघ्न का त्याग सबसे अधिक उपेक्षित रहा है। उन्होंने बताया कि शत्रुघ्न ने बिना यश की इच्छा के परिवार और राजकीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए मौन तपस्या की।उन्होंने भरत के चरित्र से माता-पिता के सम्मान की सीख देते हुए कहा कि माता का अपमान महापाप माना गया है। वहीं माता कैकेयी के चरित्र को त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि रामकथा को समझने के लिए कैकेयी के चरित्र को सही दृष्टि से समझना जरूरी है।पंडित दुबे ने श्रद्धालुओं से माता-पिता का सम्मान करने और उनके प्रति सेवा व कृतज्ञता का भाव रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा सहित समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।





