Acn18. Com. जशपुर के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में करीब 30 जंगली हाथियों के दल ने किसानों की तैयार फसल पर कहर बरपाया है। खाड़ामाचा, पीठाआमा और महेशपुर गांव में हाथियों ने रातभर खेतों में विचरण कर धान की फसल को रौंद दिया और बड़ी मात्रा में फसल खा गए। फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने अब भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
तस्वीरों में देखिए हाथियों के उत्पात से बर्बाद हुए खेत। फसल पककर तैयार होने के अंतिम चरण में थी, लेकिन हाथियों के झुंड ने कई खेतों में धान की फसल पूरी तरह कुचल दी। किसानों का कहना है कि अब खेतों से एक दाना धान निकालना भी मुश्किल है।
वन विभाग की ओर से नुकसान का आकलन कर मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब 9 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की बात सामने आ रही है, जिसे किसान वास्तविक नुकसान की तुलना में कम बता रहे हैं। उनका कहना है कि बीज, खाद, मजदूरी और खेती की लागत भी इससे ज्यादा हो जाती है।
हाथियों के लगातार विचरण से ग्रामीणों में दहशत है। किसानों ने प्रशासन और वन विभाग से प्रभावी रोकथाम के साथ नुकसान के अनुरूप उचित मुआवजे की मांग की है।





