एनटीपीसी और नगर निगम द्वारा कराए जाने वाले बहुचर्चित *टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट – TTP* के टेंडर को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। गुप्त सूत्रों के अनुसार करोड़ों के इस प्रोजेक्ट में टेंडर की तारीख आगे बढ़वाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
*क्या है TTP और क्यों है जरूरी*
टर्शरी ट्रीटमेंट प्लांट एक उन्नत अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र होता है। यह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP के बाद का उच्चतर चरण है। इसका मुख्य उद्देश्य द्वितीयक उपचार के बाद बचे सूक्ष्म प्रदूषकों को हटाकर पानी को पूरी तरह स्वच्छ, गंधहीन और औद्योगिक व कृषि उपयोग के लिए सुरक्षित बनाना है।
*सूत्रों का दावा: बाहरी कंपनी की सक्रियता*
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली गुजरात की एक कंपनी रायपुर के एक व्यक्ति के माध्यम से स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रही है। आरोप है कि टेंडर की तारीख आगे बढ़वाकर समय लिया जाए ताकि तैयारी पूरी कर इस बड़े काम को लिया जा सके।
उल्लेखनीय है कि इस टेंडर की तारीख पहले भी एक बार आगे बढ़ाई जा चुकी है और कल इसकी अंतिम तिथि है।
*”अब पहले जैसा नहीं रहा कार्यकाल”*
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस तरह की प्रक्रिया के खिलाफ हमेशा से रहे हैं। इसी कारण संबंधित पक्ष लगातार प्रयास कर रहा है। शहर में यह भी कहा जा रहा है कि अब वह समय नहीं है जब पैसे देकर काम कराया जा सके जैसा की शहर नें अशोक वाटिका के मामले मे देखा है
*अधिकारी व जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर टिकी निगाहें*
इस पूरे मामले में अब अधिकारी व जनप्रतिनिधि की भूमिका क्या रहती है, इसे लेकर शहर में चर्चा है। पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया और गुणवत्तापूर्ण काम को लेकर आमजन और सामाजिक संगठनों की नजरें निगम प्रशासन पर टिकी हैं।
अब देखना होगा कि कल टेंडर की अंतिम तिथि पर क्या निर्णय होता है।





