Home Astrology लेट होने का रिकॉर्ड बना रही है लिंक एक्सप्रेस ,आज भी साढ़े...

लेट होने का रिकॉर्ड बना रही है लिंक एक्सप्रेस ,आज भी साढ़े तीन घंटा विलंब से आई ,परेशान लोगों ने क्या कहा आइए सुनते हैं

0
82

लेट होने का रिकॉर्ड बना रही है लिंक एक्सप्रेस
आज भी साढ़े तीन घंटा विलंब से आई

परेशान लोगों ने क्या कहा आइए सुनते हैं20260221 154819

विशाखापट्टनम से कोरबा आने वाली लिंक एक्सप्रेस हमेशा की तरह आज भी लगभग साढे तीन घंटा विलंब से पहुंची। एक्सप्रेस में सवार यात्रियों की हालत खस्ता हो गई उन्होंने विरोध दर्ज कराते हुए कहा है की लगता है की रेल प्रबंधन की मनमानी पर विराम लगाने के लिए लोगों को सड़क पर उतरना पड़ेगा

विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस शनिवार को सुबह 11:00 बजे पहुंचने की जगह लगभग ढाई बजे कोरबा पहुंची। साढ़े 3 घंटा विलंब सेआई ट्रेन में सवार यात्रियों के चेहरे पर रोष दिखाई दे रहा था

यात्रियों ने बताया की रायपुर यह ट्रेन अपने निर्धारित समय 6:55 पर पहुंच गई थी लेकिन जब यह ट्रेन बिलासपुर पहुंची तो एक घंटा विलंब हो चुका था वहां से भी लिंक एक्सप्रेस विलंब को काम करने का प्रयास करने की बजाय और लेट होती गई 11:00 बजे कोरबा पहुंचने वाली लिंक एक्सप्रेस लगभग ढाई बजे कोरबा पहुंची। एक बुजुर्ग यात्री ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा की रेल प्रबंधन की मनमानी पर कोई नकेल डालने वाला नहीं है ।अन्य यात्रियों ने भी अपनी दुश्वारियो का हवाला देते हुए गुस्से का इजहार किया

इसी ट्रेन में सफर करने वाले कोरबा के वरिष्ठ पत्रकार रवि पी सिंह ने बताया कि हद कर दिया है रेल प्रबंधन ने ।लेट लतीफी के कारण यात्री परेशान हो जाते हैं, उनका शेड्यूल बिगड़ जाता है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों के प्रयास के बाद भी यदि रेल प्रबंधन की मनमानी बेअसर रह रही है तो इसका मतलब स्पष्ट है की ईमानदार प्रयास नहीं हो रहा है

गौरतलब है कि सिर्फ लिंक एक्सप्रेस ही नहीं बल्कि कोरबा आवागमन करने वाली सभी यात्री ट्रेन अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से चला करती हैं। एक्सप्रेस ट्रेनों को भी रास्ते में कहीं भी रोक दिया जाता है माल गाड़ियों को पहले निकाल कर रेल यात्रियों को चिढ़ाया जाता है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को ट्रेन के विलंब हो जाने के कारण जिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसका एहसास ना तो रेल प्रबंधन को है और ना ही जनप्रतिनिधियों को। यही परेशानी यदि किसी दिन आक्रोश में तब्दील हुई तो कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगते देर नहीं लगेगी ।इसलिए हे रेल प्रबंधन से जुड़े लोग और बिलासपुर चंपा जांजगीर व कोरबा जिले के जनप्रतिनिधियों रेल यात्रियों के कष्ट को अनुभव कीजिए और व्यवस्था को दुरुस्त कराइये

error: Content is protected !!