
प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने को लेकर राज्य सरकार और केंद्र पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के दबाव में निंदा प्रस्ताव पारित करने के लिए विशेष सत्र बुलाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
चरणदास महंत ने बैकुंठपुर में चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार ऐसा देखा है कि केवल निंदा प्रस्ताव के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र हमेशा प्रदेश और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाया जाता है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार झूठ को सच साबित करने के लिए सत्र बुलाना चाहती है तो एक दिन की जगह दो दिन का सत्र बुला ले। पहले दिन सत्ता पक्ष निंदा और आरोप लगाए, जबकि दूसरे दिन विपक्ष को जवाब देने का अवसर दिया जाए।
महंत ने आरोप लगाया कि यह सब बंगाल चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, लेकिन देश की जनता को ज्यादा समय तक भ्रमित नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने महिलाओं की हड़ताल पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आंदोलन करने से पहले उन्हें संबंधित बिल को पूरी तरह समझ लेना चाहिए।




