बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत वर्ष 2026 की स्टेटस रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 15 से अधिक वर्तमान और पूर्व सांसदों-विधायकों के खिलाफ 20 से ज्यादा आपराधिक मामले विशेष एमपी-एमएलए अदालतों में लंबित हैं, जिनकी नियमित सुनवाई हाईकोर्ट की निगरानी में की जा रही है।
रायपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधायक कवासी लखमा, देवेंद्र यादव समेत कई जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई जारी है। इन मामलों में सरकारी कार्य में बाधा, प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था से जुड़े प्रकरण सहित अन्य मामलों की सुनवाई हो रही है। वहीं कवासी लखमा से जुड़े ईडी और कथित शराब घोटाले के मामलों में भी न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
बिलासपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन सहित अन्य मामलों की सुनवाई चल रही है। इसके अलावा जांजगीर-चांपा के अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले तथा पूर्व भाजपा सांसद अभिषेक सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई भी जारी है।
हाईकोर्ट ने सभी विशेष अदालतों से लंबित मामलों की अद्यतन जानकारी मांगी है और निर्देश दिए हैं कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों का समयबद्ध और त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कई मामलों में आरोप तय हो चुके हैं, जबकि अन्य मामलों में गवाहों के बयान और साक्ष्य दर्ज किए जा रहे हैं।


