Home Astrology बीजापुर के गांव में पेयजल संकट : मरिवाड़ा के ग्रामीण 2 किमी...

बीजापुर के गांव में पेयजल संकट : मरिवाड़ा के ग्रामीण 2 किमी दूर दूषित नदी से ला रहे पानी, PHE विभाग से कार्रवाई की मांग

0
8

 

 

नदी से पीने का पानी लाते हुए मरिवाड़ा के ग्रामीण

 

 

बीजापुर के मरिवाड़ा गांव में 6 में से 5 हैंडपंप खराब होने से ग्रामीण दूषित नदी का पानी पीने को मजबूर हैं, बार-बार शिकायतों के बाद भी PHE विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा।

 

नक्सल मुक्त होने के बाद विकास की उम्मीदें जगाने वाले बीजापुर के आंतरिक गांव अब भी मूलभूत सुविधाओं के मोहताज हैं। गंगालूर क्षेत्र का मरिवाड़ा गांव पेयजल संकट से जूझ रहा है, जहां ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए 2 किलोमीटर दूर नदी का सहारा लेना पड़ रहा है। वर्षों से विभाग को शिकायतें देने के बावजूद समाधान नहीं मिला।

 

मरिवाड़ा में पेयजल व्यवस्था ध्वस्त

मरिवाड़ा की करीब 200 की आबादी आज भी पेयजल की गंभीर समस्या झेल रही है। गांव में कुल 6 हैंडपंप हैं, लेकिन उनमें से 5 पूरी तरह खराब पड़े हैं। एकमात्र चालू हैंडपंप पर्याप्त पानी नहीं दे पा रहा, जिससे ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।

 

 

 

नदी का दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

हैंडपंप बंद होने से ग्रामीण रोजाना 2 किलोमीटर पैदल चलकर नदी पर जाते हैं। वहां रेत हटाकर छोटा कुआं बनाकर पानी इकट्ठा किया जाता है और उसी को पीने के लिए घर लाया जाता है। यह पानी न केवल दूषित है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रहा है।

 

 

 

PHE विभाग से कई शिकायतें

ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल समस्या को लेकर कई बार PHE विभाग और प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। न हैंडपंपों की मरम्मत हुई और न ही वैकल्पिक पेयजल स्रोत उपलब्ध कराया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और निराशा बढ़ती जा रही है