Home Astrology वेशकीमती वृक्षों की कटाई ,  एक वनकर्मी निलंबित दूसरे का तबादला

वेशकीमती वृक्षों की कटाई ,  एक वनकर्मी निलंबित दूसरे का तबादला

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से पर्यावरण और प्रशासन की नींद उड़ा देने वाली बड़ी खबर सामने आने के बाद आनन फानन में आखिरकार बीट गार्ड दीपक सिदार को निलंबित कर दिया गया है तो वही गौरेला रेंजर प्रबल दुबे और डिप्टी रेंजर राजकुमार रजक के खिलाफ अनुशंसा राज्य सरकार को भेज दर गई है।

 

दरअसल मरवाही वनमंडल के जंगलों में तस्करों ने बड़े पैमाने पर बेशकीमती पेड़ों पर आरा मशीन चलाकर वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी । मामला गौरेला वन परिक्षेत्र के पीपरखूंटी बीट का है, जहां तस्करों ने 120 से भी ज्यादा साल, सागौन और सरई जैसे बेशकीमती पेड़ों को काटकर ठिकाने लगा दिया।

 

हैरान करने वाली बात यह है कि यह अवैध कटाई पिछले 2-3 महीनों से लगातार जारी थी। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दो महीने पहले ही दे दी थी, लेकिन अधिकारी ‘कुंभकर्णी’ नींद सोते रहे और तस्कर अपना काम करते रहे। जब इस महा-तस्करी की गूँज राजधानी तक पहुँची, तब रायपुर से स्टेट फ्लाइंग स्क्वाड की टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान टीम को जंगल में सागौन और साल के 122 ठूंठ मिले, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है। आशंका जताई जा रही है कि पेड़ों की यह संख्या और भी अधिक हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल वन विभाग की कार्यशैली पर खड़ा हो रहा है। मरवाही वनमंडल मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर और बिलासपुर-जबलपुर मुख्य मार्ग से सटे हुए जंगल में इतनी बड़ी कटाई हो गई, लेकिन डीएफओ, रेंजर और बीट गार्ड को इसकी भनक तक नहीं लगी।

 

स्थानीय लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी वारदात बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं है। फिलहाल, रायपुर की फ्लाइंग स्क्वाड टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है। यदि निष्पक्ष जांच हुई, तो लकड़ी तस्करों और आरा मिल मालिकों के साथ-साथ वन विभाग के कई बड़े चेहरों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है……

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