
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर निर्मित अटल परिसर में उनकी मूर्ति को तांबे की बजाय सीमेंट का बनाने वाली घटना की जांच शुरू हो गई है। जांच टीम ने संकेत दिया है की मूर्ति निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है कोरबा जिले के उपनगर कटघोरा में निर्मित स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा स्थापित की गई 14 लख रुपए की लागत से निर्मित प्रतिमा के निर्माण में तांबे की बजाय सीमेंट से प्रतिमा बनाकर उस पर तांबे का कलर चढ़ाने के आरोप की जांच करने क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर से कार्यपालन अभियंता अली बख्श के नेतृत्व में एक टीम कटघोरा पहुंची. टीम ने ने प्रतिमा का अवलोकन करने के बाद पाया कि मूर्ति निर्माण में गड़बड़ी तो है इसलिए इसका नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है कार्यपालन अभियंता अली बख्श ने बताया की प्रथम दृश्ट्या फाल्ट तो पाया गया है लेकिन जांच रिपोर्ट अधिकारियों को प्रेषित कर दी जाएगी वहां से तय होगा की क्या कार्रवाई किसके खिलाफ की जाएगी। वैसे उन्होंने संकेत दिया की जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध निश्चित ही कार्रवाई होगी
गौरतलब है की 14 लख रुपए मैं अटल परिसर निर्माण का ठेका कटघोरा निवासी मनोज अग्रवाल ने लिया था बताया जाता है कि उन्होंने यह काम अनुराग दुलानी नमक ठेकेदार को दे दिया था। प्रतिमा के निर्माण के पश्चात अटल परिसर का लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह कोरबा प्रभारी और उपमुख्यमंत्री अरुण साव वह अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया था






