नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों से जुड़े कथित यौन शोषण मामले में भाजपा नेता और कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। मामले में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व सचिव विनोद तोमर भी आरोपी थे। फैसला सुनाए जाने के दौरान दोनों कोर्ट में मौजूद रहे।
मामले की सुनवाई एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने की। 2 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया।
1133 दिनों में हुईं 127 सुनवाई
महिला पहलवानों से जुड़े इस मामले की शुरुआत जनवरी 2023 में हुई थी। इसके बाद मामले की सुनवाई के दौरान कुल 1133 दिनों में 127 सुनवाई हुईं। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को मामले में बरी कर दिया है।
बृजभूषण शरण सिंह को 20 जुलाई 2023 से नियमित जमानत मिली हुई थी। इसके बाद 10 मई 2024 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर आरोप तय किए थे। आरोप तय होने के बाद मामले में ट्रायल शुरू हुआ।
2 जुलाई को पूरी हुई थीं दोनों पक्षों की दलीलें
मामले में दोनों पक्षों की ओर से अदालत में दलीलें पूरी होने के बाद 2 जुलाई 2026 को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया।
फैसले के दौरान बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर कोर्ट में मौजूद रहे।
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह का बयान
अदालत से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह का पहला बयान भी सामने आया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके बयान का आगे का हिस्सा अधूरा है।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- “[यहां उनका पूरा सत्यापित बयान जोड़ा जाएगा]“
मामले में आगे क्या?
अदालत के इस फैसले के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पक्षकारों की ओर से लिए जाने वाले फैसले पर निर्भर करेगी। अदालत के फैसले के खिलाफ कानूनी विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं।






