
कोरबा- हरदीबाजार से नेवसा के बीच बहने वाली क्षेत्र की एक मात्र जीवनदायिनी लीलागर नदी जिस पर पोल लगा पूराना पुल जो अधिक बारिश होने पर नदी का पानी सड़क से 3-4 फीट ऊपर बहने लगती है जिससे दोनों ओर से आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है। यह सड़क मार्ग हरदीबाजार से नेवसा,उतरदा,सिरली, कसियाडीह झांझ,बोईदा होकर नीरतू,कुली,सीपत बिलासपुर को जाती है । बहुप्रतीक्षित पुल निर्माण का, कार्य बिगत दो वर्षों से हो रहा है,इस पुल का निर्माण पीडब्ल्यूडी सेतू विभाग के द्वारा वर्ष 2024 से शुरू हुआ था जिसे 2025 बारिश से पहले बन जाना था। इसकी लागत राशि 1 करोड़ 75 लाख रुपए है। बारिश के दिनों में भी सुरक्षित आवागमन के लिए लीलागर नदी पर पुल निर्माण हो जिसके लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व आम लोगों ने लीलागर नदी पर पुल बनाने जिला प्रशासन सहित मंत्रीयों तक मांग रखी थी तब जाकर अथक प्रयास से पुल का निर्माण संभव हो पाया,अब पुल बन तो गया लेकिन पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड़ नहीं बन पाया । जिसे अप्रैल या बारिश से पहले पूरा हो जाना था लेकिन संबंधित विभाग व ठेकेदार की घोर लापरवाही, उदासीनता क्षेत्र की जनता पर पड़ेगी भारी, यदि थोड़ी और अच्छे से बारिश हुई समझों पुल के ऊपर से 3-4 फीट ऊपर पानी बहने लगेगी और आवागमन पूरी तरह बंद हो जाएगा । इस मार्ग से आम लोगों के साथ साथ यात्री बसें,उतरदा रेलडबरी कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल का गृह ग्राम है जिन्हें रोज इस मार्ग से आना जाना करना होता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है “पूरी हाथी निकल गई,बस पूछं अटक गई” कहावत लीलागर नदी पर बना पुल पर सही साबित हो रही है।
मुकेश जायसवाल जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि ने कहा कि ये विभाग व ठेकेदार की घोर लापरवाही है पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड का निर्माण नही किया गया है इस संबंध में कलेक्टर से शिकायत की जाएगी
राजाराम राठौर।ने बताया कि हरदी बाजार नेवसा मार्ग जहां पर लीलागर नदी का पुराना पुल है जो काफी नीचे होने की वजह से प्रत्येक बरसात में अधिक बारिश होने पर 3 से 4 फीट ऊपर बहती है जिससे दोनों तरफ आवा गमन पूर्ण रूप से बाधित हो जाती है इस पर जिलाप्रशासन को संज्ञान लेने की जरूरत है ताकि राहगीरो को भारी बारिश के समय किसी प्रकार की परेशानी ना हो






