Acn18.Com पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल की राजनीति से बड़ी खबर है। विधानसभा उपचुनाव से महज 18 दिन पहले चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग पार्टी नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। हालांकि, यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है और मूल नाम-चिह्न पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मिला है। वहीं ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
एक दिन पहले आयोग ने दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और मूल ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था।
अब नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में दोनों गुट नए नाम और सिंबल के साथ मैदान में उतरेंगे। 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को नतीजे घोषित होंगे।
बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउद्दीन शेख को उम्मीदवार बनाया है। वहीं ममता गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को मैदान में उतारा है।
दावे के मुताबिक, लोकसभा में TMC के 28 में से 20 सांसद अलग हो चुके हैं, जबकि विधानसभा में 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। राज्यसभा में भी 13 में से 2 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं।









