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महिला की मौत से आक्रोशित लोगों ने दिया धरना.मुआवजा और नौकरी की घोषणा के बाद धरना समाप्त

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अस्थाई शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान एक 60 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान ग्राम रेकी निवासी भगा बाई के रूप में हुई है। महिला की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाया।​मामला यहीं शांत नहीं हुआ—क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय परिसर में लगभग 3 घंटे तक उग्र धरना-प्रदर्शन किया। अंततः SECL दीपका प्रबंधन द्वारा पीड़ित परिवार को 6 लाख रुपये का मुआवजा और पुत्र को अस्थाई नौकरी देने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।

कोरबा जिले के हरदी बाजार के समीप बसे ग्राम ग्राम रेकी की निवासी 60 वर्षीया भगा बाई तालाब में स्नान कर घर लौट रही थीं, तभी उनके शरीर में अचानक तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें तुरंत हरदीबाजार के अस्थाई शासकीय स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों की सलाह पर बीपी और अन्य जरूरी जांचें बाहर से कराई गईं, जिनकी रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य आई थी। जांच के बाद महिला खुद पैदल चलकर अस्पताल के भीतर गई थी। लेकिन इलाज शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर भगा बाई की मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल में एकत्र हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि मूल अस्पताल भवन के ध्वस्तीकरण के बाद पुराने तहसील भवन में चल रहे इस अस्थाई स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। न सही से इलाज मिल रहा है और न ही दवाएं। मामूली जांचों के लिए भी मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर दीपका, कुसमुंडा और हरदीबाजार की पुलिस टीम रातभर तैनात रही।
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​ चिकित्सकों ने बताया कि मरीज की मृत्यु इलाज के दौरान हुई है। प्राथमिक जांच के अनुसार महिला को गंभीर हार्ट अटैक आया था, जिसकी वजह से उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।”
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घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों के साथ कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मुकेश जायसवाल, रेंकी सरपंच तीज राम समेत कई जनप्रतिनिधि तहसील कार्यालय परिसर में लगभग 3 घंटे तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद तहसीलदार अमित केरकेट्टा की मौजूदगी में SECL दीपका प्रबंधन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई।
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​SECL प्रबंधन की ओर से पीड़ित परिवार को ₹6 लाख का मुआवजा और एक पुत्र को अस्थाई नौकरी देने की घोषणा की गई
SECL दीपका प्रबंधन द्वारा वित्तीय सहायता और नौकरी की घोषणा के बाद आखिरकार ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज को अपनी जान न गंवानी पड़े।

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