Acn18. Com कोरबा.कोरबा से एक नन्ही जिंदगी की जंग जीतने की उम्मीद भरी कहानी सामने आई है। महज 25 सप्ताह के गर्भकाल में 600 ग्राम वजन के एक नवजात का जन्म हुआ। जन्म के बाद करीब 90 दिनों तक NICU में इलाज और विशेषज्ञ निगरानी चली। अब बच्चे का वजन बढ़कर 2 किलो 70 ग्राम हो गया है और उसे डिस्चार्ज किए जाने की तैयारी है। चार साल के लंबे इंतजार के बाद माता-पिता के लिए यह पल बेहद खास है।
कोरबा के सर्वमंगला नगर निवासी विजय समर्थ और उनकी पत्नी करीब चार साल से संतान की उम्मीद लगाए हुए थे। 15 जून 2026 की रात उनकी यह उम्मीद पूरी हुई, लेकिन खुशी के साथ परिवार के सामने बड़ी चुनौती भी आ गई।
गर्भवती महिला को रात करीब 1 बजे गंभीर और आपात स्थिति में शिवाय हॉस्पिटल लाया गया। गर्भकाल महज 25 सप्ताह था। डॉक्टरों ने तत्काल चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की और करीब 2 बजकर 20 मिनट पर डिलीवरी हुई।
जन्म के समय नवजात का वजन सिर्फ 600 ग्राम था। बेहद कम वजन और समय से पहले जन्म के कारण बच्चे को तत्काल NICU में भर्ती किया गया।
इसके बाद करीब तीन महीने तक बच्चे की लगातार निगरानी और उपचार चला। उसे विशेष नवजात देखभाल, श्वसन सहायता, तापमान नियंत्रण और नियमित मॉनिटरिंग की जरूरत रही।
Paediatric विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र बागरी, RMO डॉ. प्रवीण, डॉ. बरखा और NICU टीम ने बच्चे की देखरेख की। इस दौरान परिवार के लिए हर दिन उम्मीद और चिंता के बीच बीता।
धीरे-धीरे बच्चे की हालत में सुधार आने लगा और वजन भी बढ़ने लगा।
19 सितंबर तक बच्चे का वजन 2 किलो 70 ग्राम पहुंच चुका था। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी स्थिति में लगातार सुधार हुआ है और अब उसे डिस्चार्ज किए जाने की तैयारी की जा रही है।
बच्चे के पिता विजय समर्थ के मुताबिक शुरुआत का समय परिवार के लिए बेहद मुश्किल था। पहली बार बच्चे को देखकर वह काफी चिंतित थे, लेकिन अस्पताल की मेडिकल और नर्सिंग टीम ने लगातार इलाज के साथ परिवार का हौसला भी बनाए रखा।
चार साल के इंतजार के बाद परिवार को मिली खुशी अब घर लौटने की तैयारी में है।
600 ग्राम से 2 किलो 70 ग्राम तक का यह सफर करीब 90 दिनों की चिकित्सा देखभाल और लगातार निगरानी से जुड़ा रहा। अब परिवार उस दिन का इंतजार कर रहा है, जब उनका नन्हा बच्चा NICU से निकलकर पहली बार अपने घर की दहलीज पर पहुंचेगा।









