Home KORBA बिजली बिलों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटरों के कारण आम जनता परेशान,...

बिजली बिलों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटरों के कारण आम जनता परेशान, 400 यूनिट मुफ्त बिजली योजना बहाल करे सरकार: पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल

0
6

IMG 20260802 WA0096 IMG 20260802 WA0097 IMG 20260802 WA0100

 

 

कोरबा। राज्य में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटरों की समस्याओं और बढ़ती महंगाई के विरोध में रविवार को पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान रामपुर विधायक फूल सिंह राठिया, पूर्व विधायक श्यामलाल कंवर, जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू. रवि चंदेल, नारायण कुर्रे रवि , पालुराम साहू, कुसुम द्विवेदी अर्चना उपाध्याय, सपना चौहान समेत कांग्रेसी पार्षद एवं अन्य नेता उपस्थित थे।

 

प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री अग्रवाल ने ढाई साल के कार्यकाल में प्रदेश सरकार पर आम जनता के हितों की अनदेखी करने और प्रदेश को महंगाई व बेरोजगारी के दलदल में धकेलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने सत्ता में आते ही बिजली के बिलों में दो-दो बार बढ़ोतरी कर आम जनता की जेब पर भारी बोझ डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा चलाई जा रही 400 यूनिट तक आधी बिजली बिल वाली जनहितैषी योजना को इस सरकार ने बंद कर दिया। जनता और कांग्रेस पार्टी के भारी विरोध के बाद सरकार 200 यूनिट बिजली बिल योजना तो लेकर आई, लेकिन इसका लाभ भी पूरी पारदर्शिता से जनता को नहीं मिल पा रहा है।

बिजली बिलों की गणना और रीडिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि रीडिंग की कोई निश्चित समय सीमा तय न होने के कारण स्लैब बदल जाते हैं, जिससे जनता इस छूट के लाभ से वंचित रह जाती है।

प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों की निगरानी और पारदर्शिता पर गंभीर संशय है। सरकार इसे जनहित में बता रही है, जबकि जनता इससे परेशान और शोषित महसूस कर रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि:

0 स्मार्ट मीटर लगाने के निर्णय को तत्काल स्थगित किया जाए।

0 स्मार्ट मीटरों की व्यापक स्तर पर तकनीकी और सामाजिक समीक्षा (Social Audit) कराई जाए।

0 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ (आधा) करने की योजना को पुनः बहाल किया जाए।

0 बिजली बिलों की गणना प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।

 

‘ट्रिपल इंजन’ नहीं, ‘बिना इंजन’ की सरकार

सरकार द्वारा बिजली दरों के निर्धारण में नियामक आयोग का हवाला दिए जाने पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश को नियामक आयोग चला रहा है या सरकार..? आगे उन्होंने सत्तारूढ़ दल के ‘डबल इंजन’ सरकार के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार ट्रिपल इंजन का दावा करती है, लेकिन हकीकत में यह ‘बिना इंजन’ की सरकार साबित हो रही है, जिसे जनता की समस्याओं और महंगाई की कोई चिंता नहीं है।

 

महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय मुद्दों पर घेरा

पूर्व मंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में रसोई गैस, खाद्य सामग्री, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी हर आवश्यक वस्तु महंगी हो चुकी है। आउटसोर्सिंग के नाम पर युवाओं का शोषण हो रहा है और डिग्रीधारी युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय आबकारी नीति पर प्रहार करते हुए हाल ही में रामपुर क्षेत्र में शराब दुकानों के विरोध के बाद बरबसपुर में दुकान खोलने का निर्णय ले लिया, जो जनभावनाओं के खिलाफ है।

 

मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि बिजली बिलों में की गई बढ़ोतरी वापस नहीं ली जाती, स्मार्ट मीटर की समीक्षा नहीं की जाती है और 400 यूनिट वाली छूट योजना पुनः लागू नहीं की जाती, तो कांग्रेस पार्टी जनता के हक की लड़ाई सड़कों पर लड़ेगी और लोकतांत्रिक तरीके से उग्र जन-आंदोलन करेगी।