
शहर को साफ रखने का जिम्मा संभालने वाली स्वच्छता दीदियों के साथ एक बार फिर छलावा हुआ है। भारी बारिश से बचाव के लिए विभाग द्वारा बांटे गए रेनकोट इतने घटिया निकले कि दो-चार बार पहनने में ही फट जाएंगे। इससे पहले मितानिनों को भी गुणवत्ता विहीन साड़ियां बांटी गई थीं, जिसे लेकर प्रदेशभर में हंगामा हुआ था।
*”पन्नी भी इनसे अच्छी” – दीदियों का आरोप*
महिला एवं बाल विकास विभाग की तर्ज पर अब नगर निगम द्वारा स्वच्छता दीदियों को रेनकोट बांटे गए हैं। लेकिन रेनकोट की क्वालिटी इतनी खराब है कि उसे देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह बारिश में ज्यादा देर नहीं टिकेगा।
स्वच्छता दीदियों का कहना है कि _”यह रेनकोट इतना पतला है कि पन्नी भी इसके सामने शर्मा जाए। दो-चार बार पहनने के बाद ही फट जाएगा।”_ दीदियों ने यह भी बताया कि कंपनी इन रेनकोट की कीमत उनके पेमेंट से काट लेगी।
*मितानिनों के बाद अब स्वच्छता दीदियों की बारी*
इससे पहले विभाग द्वारा मितानिनों को बांटी गई साड़ियां भी गुणवत्ता विहीन निकली थीं। एक धुलाई में ही उन साड़ियों का रंग निकल गया और साइज भी छोटी हो गई। उस समय प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर खूब हंगामा हुआ था।
अब वही स्थिति स्वच्छता दीदियों के साथ दोहराई गई है।
*सिस्टम पर उठे सवाल*
लगातार दो बार महिलाओं को घटिया सामान बांटे जाने के बाद सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जहां एक तरफ सरकार “नारी शक्ति” की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ मैदानी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
दीदियों ने मांग की है कि घटिया रेनकोट वापस लिए जाएं और उनकी जगह अच्छी क्वालिटी के रेनकोट दिए जाएं। साथ ही दोषी कंपनी और अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह का भ्रष्टाचार न हो।





