रायपुर। रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश, बिना टिकट यात्रा, अवैध वेंडिंग, धूम्रपान और गंदगी फैलाने को लेकर बने कानूनों के उल्लंघन पर अब रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के इंस्पेक्टर (सहायक उपनिरीक्षक से ऊपर) सीधे जुर्माना लगा सकेंगे। अभी तक आरपीएफ का अधिकार मेमो भरकर केस बनाने व मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करने तक सीमित था।
रेल मंत्रालय ने ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत नियमों में संशोधन कर आरपीएफ को नया अधिकार प्रदान किया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर विशेष परिस्थितियों में ट्रेन या परिसर में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का टिकट चेक कर सकते हैं। यद्यपि सामान्य स्थिति में यह अधिकार टिकट जांच स्टाफ के पास ही रहेगा। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर दक्षिण पूर्व रेलवे में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।
जुर्माना लगेगा
500- अनधिकृत प्रवेश और रेल लाइन पार करने पर
2000 – रेलवे स्टेशन व ट्रेनों में अवैध वेंडिंग करने पर
2000- दिव्यांग और पेंट्रीकार बोगियों में यात्रा पर
2500- महिला बोगियों में यात्रा करने पर
2000- स्टेशन परिसर में धूम्रपान करने पर
1000- स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने पर
500- स्टेशन परिसर में अवैध पार्किंग पर
10,000- आपत्तिजनक व खतरनाक वस्तुओं पर
नियम का उल्लंघन करने वाले यात्री व उनके स्वजन कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में परेशान हो जाते थे। नई व्यवस्था में कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई होने से नियमों के पालन को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। बदलाव का उद्देश्य छोटे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक बोझ कम करना और रेलवे परिसरों में स्वच्छता व अनुशासन बनाए रखना है। नई व्यवस्था में रेल मंत्रालय ने रेलवे में लगने वाला न्यूनतम जुर्माना 250 को बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया है।
टीटीई के अधिकार भी बढ़ा दिए
जन विश्वास अधिनियम के अंतर्गत टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई) के अधिकार भी बढ़ा दिए हैं। वह यात्रियों का टिकट चेक करने के अलावा स्टेशन व ट्रेनों में अवैध वेंडरों, धूमपान व गंदगी फैलाने वाले यात्रियों के खिलाफ जुर्माना लगा सकेंगे। रेलवे का कहना है कि जन विश्वास अधिनियम से स्टेशन व ट्रेनों में अवैध वेंडिंग पर अंकुश लगेगा। स्टेशन परिसर व ट्रेनों की साफ-सफाई बेहतर होगी




